संयुक्त केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर मनेंद्रगढ़ में देशव्यापी हड़ताल का असर देखने को मिला

Chhattisgarh Crimesसंयुक्त केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर मनेंद्रगढ़ में देशव्यापी हड़ताल का असर देखने को मिला। हल्दीबाड़ी भूमिगत कोयला खदान के बाहर श्रमिकों ने एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे खदान का कामकाज प्रभावित हुआ।

हड़ताल के तहत हल्दीबाड़ी भूमिगत कोयला खदान के बाहर मजदूरों ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। प्रदर्शन के कारण खदान में उत्पादन और कार्य व्यवस्था प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

इस देशव्यापी हड़ताल को एचएमएस, एटक, इंटक और सीटू सहित दस से अधिक श्रमिक संगठनों ने समर्थन दिया। सभी संगठनों ने मिलकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

चार लेबर कोड को बताया मजदूर विरोधी

प्रदर्शनकारी श्रमिक संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार लेबर कोड को मजदूर विरोधी करार दिया। संगठनों ने इन कानूनों को वापस लेने की मांग की।

मजदूरों का कहना है कि चारों लेबर कानून विशेष रूप से कोयला मजदूरों के अधिकारों के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि इन कानूनों से श्रमिकों की सुरक्षा, रोजगार और अन्य सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

खदान क्षेत्र में तैनात रहा पुलिस बल

हड़ताल और प्रदर्शन को देखते हुए खदान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस की निगरानी बनी रही।

सुनील पांडेय बोले- चार नए लेबर कोड कानून विरोध

मजदूर संगठन एच.एम.एस. के महामंत्री सुनील पांडेय ने बताया कि केंद्र सरकार ने साल 2019-20 में चार नए लेबर कोड कानून बनाए थे, जिन्हें 2025 में लागू किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार इन्हें 2026 में पूरी तरह लागू करने जा रही है, जिसका सभी श्रमिक संगठन विरोध कर रहे हैं।

अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

सुनील पांडेय ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इन नियमों को वापस नहीं लेती, तो एक दिवसीय हड़ताल के बाद श्रमिक संगठन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।