बिलासपुर नगर पालिक निगम की लखीराम ऑडिटोरियम में आयोजित तीसरी सामान्य सभा की शुरुआत वंदे मातरम गीत के साथ हुई। कांग्रेस पार्षद दल के विरोध के बीच 15 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। लेकिन सभा में पेयजल संकट सबसे बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया।
कांग्रेस पार्षद दल ने पीने की पानी की समस्या दूर करने की मांग की गई। वहीं, नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने कहा कि यहां विपक्ष ही नहीं सत्ता पक्ष के भी पार्षद परेशान हैं। सदन में जैसे ही वार्डों में पानी की समस्या का मुद्दा उठा, वैसे ही पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कांग्रेस ने इंदौर की घटना का भी जिक्र किया।
पार्षदों ने कई क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंचने और टैंकर व्यवस्था में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं, सभा में लिंगियाडीह के आंदोलनकारियों की भीड़ लेकर आने पर बवाल मचा गया। 175 से अधिक बेजा कब्जा हटाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी।
सभा स्थल लखीराम ऑडिटोरियम के बाहर बीच सड़क आंदोलनकारियों के साथ कांग्रेस पार्षद धरने पर बैठ गए। जिला कांग्रेस कमेटी और NSUI के पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। शहर के व्यस्ततम मार्ग मिशन अस्पताल रोड को जाम कर दिया गया। ऐसे में मेयर पूजा विधानी सदन छोड़कर आंदोलनकारियों से मिलने पहुंची और उनकी समस्याएं सुनी।
सामान्य सभा में रखे गए 15 प्रस्ताव
- जाति प्रमाण पत्रों का अनुमोदन।
- लिंगियाडीह क्षेत्र में हटाए गए अतिक्रमण और पुनर्वास को लेकर चर्चा।
- तोरखा रेलवे ओवरब्रिज का नामकरण शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर करने का प्रस्ताव।
- भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा स्थापना का प्रस्ताव।
- बृहस्पति बाजार के निर्माण कार्य की स्वीकृति।
- शहर की प्रमुख सड़कों के डामरीकरण का प्रस्ताव।
- जर्जर स्ट्रीट लाइट पोल बदलने की स्वीकृति।
- नए स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रस्ताव।
- पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार और टैंकर व्यवस्था पर प्रस्ताव।
- नाली निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव।
- सफाई कर्मियों की समयावधि वृद्धि का प्रस्ताव।
- 3 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की स्वीकृति।
- मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत लगभग 70 करोड़ रुपए के कार्य शासन को भेजने का प्रस्ताव।
- विभिन्न वार्डों में सामुदायिक भवन निर्माण का प्रस्ताव।
- शहर के सौंदर्यीकरण और गार्डन विकास कार्यों की स्वीकृति।