बलौदाबाजार पुलिस ने रिटर्न का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया

Chhattisgarh Crimesबलौदाबाजार पुलिस ने रिटर्न का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।

आरोपियों पर एक व्यक्ति से 8 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है। आरोपियों ने ‘वीआईपी ट्रेड’ नाम की फर्जी कंपनी बनाकर निवेश पर प्रति माह 10 से 12 प्रतिशत गारंटीड रिटर्न देने का झूठा प्रलोभन दिया था।

10-12% रिटर्न का झांसा देकर निवेश कराया

शिकायतकर्ता रामचंद्र वस्त्रकर ने पुलिस को बताया कि 23 जुलाई 2025 से 19 अक्टूबर 2025 के बीच आरोपियों ने उन्हें वीआईपी ट्रेड कंपनी में निवेश करने के लिए राजी किया। दावा किया कि जमा राशि पर प्रतिदिन वृद्धि होगी।उन्होंने बताया कि निवेशक अपनी इच्छा अनुसार कभी भी पैसा निकाल सकते हैं। इस झांसे में आकर पीड़ित रामचंद्र ने कुल 8,06,640 रुपए आरोपियों के खातों में जमा करा दिए।

पैसा मांगने पर टालने लगे, नंबर बंद कर दिए

जब रामचंद्र वस्त्रकर ने अपना पैसा वापस मांगा, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। कुछ ही दिनों बाद उन्होंने अपने मोबाइल नंबर बंद कर दिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला

पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

तकनीकी जांच में राजस्थान तक पहुंचे तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। तकनीकी विश्लेषण और सूचना संकलन के आधार पर पता चला कि ठगी का नेटवर्क राजस्थान से जुड़ा हुआ है।

जांच में सामने आया कि आरोपी पहले से ही एक अन्य ठगी के मामले में अजमेर केंद्रीय कारागार में बंद थे। इसके बाद पुलिस टीम ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अजमेर जेल पहुंचकर चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी जुर्म कबूल किया।

इस मामले में अब्दुल समद (60), निवासी किशनगढ़, लोकेश चौधरी (26), निवासी किशनगढ़, कैलाश चौधरी (26), निवासी जयपुर ग्रामीण और धीरज गट्टानी (25), निवासी कुचामन सिटी को विधिवत गिरफ्तार किया गया है।

पूछताछ में करोड़ों की ठगी की बात कबूली

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने फर्जी कंपनी बनाकर लोगों को झांसे में लेने और करोड़ों की ठगी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह देश के कई राज्यों में सक्रिय रहा है।

अन्य पीड़ितों से पुलिस ने की अपील

पुलिस ने अपील की है कि यदि ‘वीआईपी ट्रेड’ कंपनी के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति से ठगी हुई है, तो वह तुरंत थाना सिटी कोतवाली या साइबर सेल में संपर्क कर शिकायत दर्ज कराए।

फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।