रायपुर। जिला न्यायालय में अगले सप्ताह से लिंक कोर्ट (अतिरिक्त पीठ) की व्यवस्था शुरू होने जा रही है। शासन द्वारा इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं और अगले सप्ताह से ही एमई प्रारंभ होने की संभावना है। इसे नई व्यवस्था से न केवल लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी, पीठासीन अधिकारियों (जजों) के अवकाश पर रहने के दौरान भी अदालती कांमकाज ठप नहीं होगा।जमानत, स्टे आर्डर और अन्य अहम मामलों की तत्काल सुनवाई हो सकेगी। वर्तमान में जज के अवकाश पर होने से जमानत और स्टे जैसे मामलों की सुनवाई टल जाती है। दूर-दराज से आए पक्षकारों को लौटना पड़ता है, वकीलों का भी समय बर्बाद होता है।
16 जिला उपभोक्ता आयोगों में ई-हियरिंग की सुविधा
राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने बताया उपभोक्ता आयोगों ने प्रकरणों के निराकरण में 160 प्रतिशत की अभूतपूर्व सफलता दर्ज की है। वहीं राज्य उपभोक्ता आयोग का प्रदर्शन भी शानदार रहा, जहां निराकरण का ग्राफ 101.57 प्रतिशत तक पहुंच गया। नए मामलों के समयबद्ध निपटारे के साथ-साथ वर्षों से लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आंधार पर निपटारा किया गया।
बेमेतरा जिले में शुरू होगा जिला उपभोक्ता आयोग
राजधानी सहित प्रदेश की न्याय व्यवस्था को हाई-टेक और त्वरित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। इसी के तहत उपभोक्ता न्याय के क्षेत्र में विस्तार करते हुए बेमेतरा जिले में नए जिला उपभोक्ता आयोग का शुभारंभ होने जा रहा है। इससे स्थानीय उपभोक्ताओं को अपने हक की लड़ाई के लिए अब दूसरे जिलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उन्हें अपने ही जिले में त्वरित व सुलभ न्याय मिल सकेगा।
लिंक कोर्ट और नई पीठ के फायदे
- जज के छुट्टी पर होने की स्थिति में जमानत जैसे जरूरी मामलों के लिए तारीख का इंतजार नहीं करना होगा। लिंक कोर्ट तत्काल इन मामलों पर सुनवाई कर सकेगा।
- स्टे आर्डर या अन्य किसी भी तत्काल राहत के लिए वकीलों को अब भटकना नहीं पड़ेगा।
- दूर-दराज से आने वाले गवाहों और पक्षकारों को अब कोर्ट से खाली हाथ नहीं लौटना होगा। कम से कम उनकी फाइल पर जरूरी निर्देश या अगली तारीख लिंक जज द्वारा दे दी जाएगी।
- दैनिक कार्यों और छोटे आदेशों के लिए फाइलें पेंडिंग नहीं रहेंगी, जिससे कोर्ट के कामकाज में पारदर्शिता और गति आएगी।