रायपुर। रायपुर से सटे नगर पालिका मंदिर हसौद क्षेत्र के ग्राम नकटा में अवैध प्लाटिंग का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद भू-माफियाओं ने दोबारा प्लाटिंग शुरू कर दी और 200 से अधिक प्लॉट की रजिस्ट्री तक करा ली गई। स्थानीय लोगों ने इसे महज औपचारिक कार्रवाई बताते हुए अधिकारियों पर संरक्षण देने का आरोप लगाया है। मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग उठ रही है।
बिना अनुमति विकसित हो रही कॉलोनी
शिकायत के अनुसार खसरा नंबर 894/1, 894/4, 894/5, 896 सहित अन्य जमीनों पर बिना वैधानिक अनुमति सड़क बनाकर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है। ग्राम एवं नगर निवेश विभाग और रेरा से न तो लेआउट स्वीकृत कराया गया और न ही नक्शा पास कराया गया। इसके बावजूद कैनोपी लगाकर प्लॉट बिक्री जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना अनुमति विकसित कॉलोनियां भविष्य में पानी, बिजली, सड़क और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बड़ी समस्या बन सकती हैं।
पहले सड़क काटी, फिर शुरू हुई बिक्री
निवासियों के मुताबिक शिकायत मिलने पर नगर पालिका ने पहले अवैध रूप से बनी सड़क को काटकर कार्रवाई की थी। हालांकि कुछ समय बाद दोबारा प्लाटिंग शुरू हो गई और जमीन छोटे-छोटे हिस्सों में बेच दी गई। लगातार हो रही रजिस्ट्रियों से विभागीय मिलीभगत के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
आप नेता ने सौंपा ज्ञापन
शिकायतकर्ता एवं Paramanand Jangde, जो आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व जिला पंचायत सदस्य हैं, ने कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और नगर पालिका सीएमओ को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने पूछा है कि संबंधित प्लाटिंग के लिए वैधानिक अनुमति ली गई या नहीं तथा अवैध प्लाटिंग को संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
आदेश के बाद भी प्रकरण दर्ज नहीं
बताया गया है कि जिला प्रशासन ने अवैध प्लाटिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसमें खसरा ब्लॉक करने और दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की बात शामिल थी। इसके बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं।
नया रायपुर परियोजना पर असर की आशंका
ग्राम नकटा नया रायपुर परियोजना से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनियंत्रित अवैध प्लाटिंग से नियोजित विकास प्रभावित हो रहा है। मंदिर हसौद, आरंग और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।