छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के मालीघोरी क्षेत्र से 900 कट्टा धान से भरे ट्रक की चोरी के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। ट्रक की किश्त (ईएमआई) नहीं चुका पाने के आर्थिक दबाव में ट्रक मालिक ने ही अपने 3 साथियों के साथ मिलकर पूरी वारदात की थी।
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर 179 कट्टा धान, घटना में प्रयुक्त ट्रक और बाइक बरामद कर लिया है। दरअसल आरोपियों ने ट्रक चोरी से पहले 2 दिन रेकी भी की थी। आरोपी ने स्वीकार किया है कि फाइनेंस कंपनी का दबाव बढ़ रहा था। इसलिए उसने चोरी की।
16 जनवरी 2026 को ट्रक (क्रमांक CG 08 AV 1711) जिसमें 900 कट्टा धान लदा था, ग्राम मालीघोरी से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा ले जाया गया और दमकसा बड़भूम में छोड़ दिया गया। ट्रक से 280 कट्टा शासकीय धान गायब पाया गया। इस संबंध में थाना बालोद में धारा 316(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
आर्थिक दबाव बना वारदात की वजह
जांच के दौरान साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेहियों को चिन्हित किया। पूछताछ में मुख्य आरोपी नेतराम देवांगन ने स्वीकार किया कि उसके पास दो ट्रक हैं और किस्त नहीं पटाने के कारण फाइनेंस कंपनी का दबाव बढ़ता जा रहा था। कर्ज से उबरने के लिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर धान चोरी की योजना बनाई।
वारदात से पहले की थी रेकी
आरोपियों ने घटना से पहले तीन दिन तक मालीघोरी धर्मकांटा के आसपास रेकी की। घटना के दिन ट्रक में चाबी लगी देखकर दो आरोपी उसे लेकर निकल गए, जबकि अन्य दो साथी अपने निजी ट्रक (क्रमांक CG 08 AQ 7884) को लेकर पहुंचे। चोरी किए गए ट्रक को झलमला-रानीमाई मार्ग से दमकसा ले जाया गया, जहां 900 कट्टा धान में से 280 कट्टा अपने ट्रक में शिफ्ट कर लिया गया।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश
शासकीय बारदानों में भरे धान की पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने धान को स्थानीय बोरों में भरकर ग्राम कंगलूटोला स्थित ससुराल में छिपा दिया। सरकारी बारदाने रास्ते में फेंक दिए गए। ट्रक में लगे जीपीआरएस सिस्टम को भी तोड़कर नष्ट कर दिया गया, ताकि पुलिस तक कोई तकनीकी सुराग न पहुंच सके।
4 आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में
पुलिस ने ग्राम कोरगुडा निवासी नेतराम देवांगन (37), काशीराम देवांगन (32), तरुण उर्वसा उर्फ लल्ला (25) और धर्मेंद्र धनकर (27) को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की निशानदेही पर 179 कट्टा धान, घटना में प्रयुक्त ट्रक और मोटरसाइकिल जब्त की गई है। सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
मामले की पतासाजी, गिरफ्तारी और बरामदगी में थाना प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा सहित पुलिस टीम और साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्रवाई एसपी योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन, एएसपी मोनिका ठाकुर के निर्देशन और एसडीओपी बोनीफास एक्का के पर्यवेक्षण में गठित विशेष टीम ने की।