छत्तीसगढ़ के बालोद जिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह 9 बजे कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा औचक निरीक्षण के लिए पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की अव्यवस्था देख वे नाराज हो गईं। इस दौरान OPD काउंटर बंद मिला और कई ड्यूटी डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे। कलेक्टर के पहुंचने की जानकारी मिलते ही डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचने लगे।
कलेक्टर अपने निवास से सीधे 100 बिस्तर जिला अस्पताल पहुंचीं। यहां मरीजों ने शौचालय में गंदगी और बदबू की शिकायत की। मरीजों ने बताया कि इतने बड़े अस्पताल की सफाई व्यवस्था गिने-चुने सफाईकर्मियों के भरोसे है। जिससे नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। यह स्थिति देखकर कलेक्टर ने नाराजगी जताई।
मातृ-शिशु अस्पताल का भी किया निरीक्षण
कलेक्टर ने मातृ-शिशु अस्पताल का भी निरीक्षण किया। यहां वार्ड के बाहर मरीजों के परिजनों के बिखरे चप्पल देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। वे SNCU सहित विभिन्न वार्डों में पहुंचीं और मरीजों तथा परिजनों से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं और स्टाफ के व्यवहार की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल स्टाफ को सभी मरीजों के साथ संवेदनशील और बेहतर व्यवहार करने के निर्देश दिए।
सिविल सर्जन को व्यवस्था सुधारने के निर्देश
अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे सिविल सर्जन डॉ. श्रीमाली को कलेक्टर ने साफ-सफाई और अव्यवस्था को लेकर फटकार लगाई। उन्होंने अस्पताल की टाइल्स में गंदगी, वाटर कूलर में लीकेज, फर्श पर बहते पानी और फिजियोथेरेपी कक्ष में कबाड़ रखे होने पर नाराजगी जताई और जल्द से जल्द सभी व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएफओ अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत CEO सुनील चंद्रवंशी, तहसीलदार आशुतोष शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे