छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कोड़ातराई एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके प्रारंभिक चरण में चिन्हित गांवों में भू-अर्जन किया जाना है। इसी को लेकर औरदा गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपा।
ग्रामीणों ने बताया कि एयरपोर्ट विस्तार के कारण गांव की भूमि, मकान, तालाब, स्कूल और अस्पताल प्रभावित होंगे। इसलिए ग्रामवासियों ने प्रशासन से उचित पुनर्वास, मुआवजा, व्यवस्थापन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
पुसौर तहसील के ग्राम औरदा के बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया गया कि ग्राम कोड़ातराई में पहले से एयर स्ट्रिप स्थित है। इसके विस्तार के लिए भूमि की आवश्यकता होने के कारण ग्राम औरदा के लगभग 150 मकान प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि वे अपने-अपने परिवारों के साथ कई सालों से, बल्कि पूर्वजों के समय से वहां निवासरत हैं और वहीं रहकर कृषि कार्य करते आ रहे हैं। अब एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत नापजोख की जा रही है।
भूमि औरदा में आबंटित करने की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि अगर अधिग्रहण के कारण गांववासियों के मकान, खलिहान, बाड़ी, तालाब, अस्पताल और स्कूल प्रभावित होते हैं, तो शासन के नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाए।
मुआवजा राशि में मकानों की वर्तमान लागत के अनुसार और चार गुना राशि के आधार पर भुगतान किया जाए। साथ ही पुनर्वास व्यवस्था के तहत परिवारों की संख्या के आधार पर मकान निर्माण के लिए भूमि ग्राम पंचायत औरदा में ही आवंटित की जाए।
स्कूल-अस्पताल की सुविधा दी जाए
इसके साथ ही मकान के साथ आंगन, बाड़ी और खलिहान की सुविधा दी जाए। गांव में निस्तारण के लिए तालाब, बिजली, पानी, स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल की सुविधा प्रदान की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि इसके बाद ग्रामीणों को अधिग्रहण करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
4C VFR कैटेगरी का बनेगा एयरपोर्ट
करीब 13-14 साल पहले राज्य शासन और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के बीच एमओयू हुआ था, जिसके तहत कोडातराई हवाई पट्टी को 4C VFR कैटेगरी एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की योजना थी। उसी एमओयू के अनुसार अब फिर से रायगढ़ एयरपोर्ट परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
चार गांवों में जमीन चिन्हांकित की गई थी
2012 में जब एयरपोर्ट परियोजना प्रारंभ हुई थी, तब चार गांवों में जमीन चिन्हांकित की गई थी। कोडातराई- 184 किसानों की 64 हेक्टेयर औरदा- 75 किसानों की 29 हेक्टेयर बेलपाली- 44 किसानों की 48 हेक्टेयर जकेला- 132 किसानों की 86 हेक्टेयर