दंतेवाड़ा जिले में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए बाघ और तेंदुए की खाल के साथ सक्रिय शिकार गिरोह का भंडाफोड़ किया

Chhattisgarh Crimesदंतेवाड़ा जिले में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए बाघ और तेंदुए की खाल के साथ सक्रिय शिकार गिरोह का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त टीम की घेराबंदी में 6 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर वन्यजीवों की खाल बरामद की गई है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

मामला 16-17 मार्च 2026 का है, जब मुखबिर की सूचना पर वनमंडल दंतेवाड़ा, वनमंडल बीजापुर, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। दंतेवाड़ा रेंजर प्रीतेश पांडेय समेत उनकी टीम ने दंतेवाड़ा-बालूद मार्ग पर घेराबंदी कर दो आरोपियों को बाघ की खाल के साथ पकड़ा।

पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली, जिसके आधार पर अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी गई और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों में लक्ष्मण तेलाम (51), देवीराम ओयाम (58), रमेश कुड़ियाम (24), फरसोन पोयामी (27), सेमला रमेश (24), सुखराम पोडियाम (21) सहित अन्य शामिल हैं।

तेंदुए की खाल बरामद

आरोपियों की निशानदेही पर ग्राम केशापुर में छापेमारी की गई, जहां से एक और तेंदुए की खाल बरामद हुई। इस दौरान मासो ओयाम (50) और अर्जुन भोगामी (42) को भी गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

इन धाराओं के तहत कार्रवाई

वन विभाग ने बताया कि जब्त बाघ और तेंदुआ अनुसूची-1 के संरक्षित वन्यजीव हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, 39(1)(घ), 3(क)(ख)(ग), 48 सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

DFO बोले- ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी

DFO रंगनाधा रामाकृष्णा वाय ने कहा कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।