बलरामपुर में जनपद पंचायत शंकरगढ़ की ग्राम पंचायत हरिगवां में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा में वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। जांच के बाद पंचायत सचिव जॉन कुमार टोप्पो और ग्राम रोजगार सहायक संजय दास को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
आरोपियों ने फर्ज़ी जियो-टैग,हितग्राहियों के खातों से OTP या अंगूठे के माध्यम से पैसे निकले हैं। इन पर कुल 10 लाख 5 हजार 881 रुपये के गबन का आरोप है।
जानिए कौन – कौन से फर्जीवाड़े शामिल हैं
- जनपद पंचायत सीईओ वेदप्रकाश पांडे ने बताया कि आरोपियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अधूरे मकानों को फर्जी तरीके से पूर्ण दिखाकर उनका जियो-टैग करवाया।
- इसके बाद राशि हितग्राहियों के खातों में ट्रांफर की गई और फिर उनसे अंगूठा लगवाकर धनराशि का गबन कर लिया गया।
- इसके अलावा, मनरेगा में भी फर्जी मास्टर रोल तैयार कर मजदूरी की रकम गलत खातों में भेजी गई।
- जांच में पाया गया कि 7 हितग्राहियों के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना से 9,05,000 रुपये और मनरेगा से 1,00,881 रुपये का गबन किया गया।
- एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग प्रस्तावों में दो आवास स्वीकृत कर पैसे निकालना, अपूर्ण आवासों के बावजूद भुगतान करना और फर्जी तरीके से लाभ दिलाना शामिल है।
- कुछ मामलों में हितग्राहियों के खातों से ओटीपी या अंगूठे के माध्यम से पैसे निकालने की शिकायतें भी मिली हैं।
पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा जिले में योजनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाए जाएंगे ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।