जशपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत गौ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 58 गौवंश तस्करों के चंगुल से मुक्त कराए गए और 3 फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल एक ट्रक और 3 पिकअप को भी जब्त किया है।
लोदाम पुलिस ने एक ताजा कार्रवाई में 27 गौवंशों को तस्करों से छुड़ाया। इस दौरान तस्कर ट्रक छोड़कर जंगल में भाग गए। इसके अलावा दिसंबर 2025, फरवरी 2026 और अप्रैल 2026 में दर्ज गौ तस्करी के तीन अलग-अलग मामलों में फरार चल रहे तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार, लोदाम क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से गौ तस्करी की घटनाओं पर लगातार नजर रखी जा रही थी। सक्रिय मुखबिर तंत्र और तकनीकी टीम की मदद से फरार तस्करों की तलाश की जा रही थी, जिसके परिणामस्वरूप ये गिरफ्तारियां हुईं।
दिसंबर 2025 के एक मामले में मंजीत जांगड़े को गिरफ्तार किया गया है। 7 दिसंबर 2025 की रात लोदाम पुलिस को सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन (क्रमांक JH-01-BS-8773) में गौवंशों की तस्करी की जा रही है।
सूचना पर राष्ट्रीय राजमार्ग-43 स्थित भलमंडा चौक पर नाकाबंदी की गई। पुलिस को देखकर वाहन चालक तेज रफ्तार में भागा और बाद में वाहन छोड़कर जंगल में फरार हो गया था। तलाशी लेने पर वाहन में 10 गौवंशों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। पुलिस ने सभी गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराकर पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया और वाहन जब्त कर लिया था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की पहचान मंजीत जांगड़े (23), निवासी ग्राम परसा पाली थाना चंद्रपुर जिला शक्ति, वर्तमान निवासी साईं टांगर टोली थाना लोदाम के रूप में की थी। लंबे समय से फरार आरोपी को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर हिरासत में लिया। पूछताछ में अपराध स्वीकार करने और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर 9 मई 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
फरवरी और अप्रैल 2026 के मामलों में भी दो आरोपी गिरफ्तार
इसी तरह 12 फरवरी 2026 को लोदाम पुलिस ने पतराटोली के पास पिकअप वाहन क्रमांक JH-01-FP-3193 से 9 नग गौवंशों को मुक्त कराया था। उस दौरान आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए थे।
इसके बाद 14 अप्रैल 2026 को ग्राम कोनबीरा जंगल मार्ग पर पिकअप वाहन क्रमांक JH-07-L-1153 से 12 नग गौवंशों को छुड़ाया गया था। दोनों मामलों में पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1961 की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत अपराध दर्ज कर वाहनों को जप्त किया था।
जांच और पता-साजी के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि फरवरी प्रकरण का आरोपी नईम खान (25) निवासी साईं टांगर टोली, अपने घर आया हुआ है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। वहीं अप्रैल प्रकरण में शामिल आरोपी यूसुफ खान (35 वर्ष), निवासी बरगी डांड थाना रायडीह जिला गुमला झारखंड को भी साईं टांगर टोली क्षेत्र से पकड़ लिया गया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर 10 मई 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
ताजा कार्रवाई में 27 गौवंशों से भरा ट्रक जब्त
इधर, ऑपरेशन शंखनाद के तहत ताजा कार्रवाई में थाना लोदाम पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने रूपसेरा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक संदिग्ध ट्रक क्रमांक JH-01-AR-7060 को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर चालक ट्रक को तेज गति से भगाने लगा। पीछा करने पर भलमंडा चौक के पास आरोपी ट्रक छोड़कर जंगल की ओर फरार हो गए।
जब पुलिस टीम ट्रक तक पहुंची तो ट्रॉली में 27 नग गौवंशों को अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। पुलिस ने सभी गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराकर पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराया और ट्रक को जप्त कर लिया।
मामले में थाना लोदाम में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1961 की धारा 11(1)(क)(घ) के तहत अपराध दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
गौ तस्करी में संलिप्त किसी को बख्शा नहीं जाएगा- डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह
जशपुर के एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी पर लगातार निगरानी रखे हुए है। लोदाम क्षेत्र में सक्रिय मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया गया है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग तीन पुराने मामलों में फरार तीन गौ तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि नए मामले में फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “ऑपरेशन शंखनाद” लगातार जारी रहेगा और गौ तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।