दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र में गौतस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। खैरागढ़ मुख्य मार्ग स्थित ठेलका चौक के पास गौरक्षा समिति और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक महिंद्रा पिकअप वाहन से 6 मवेशी बरामद किए गए।
आरोपी ड्राइवर ने पूछताछ में खुलासा किया कि मवेशियों को लांजी होते हुए नागपुर के कत्लखाने ले जाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यह तीन दिन के भीतर धमधा क्षेत्र में सामने आया दूसरा गौतस्करी का मामला है।
संदिग्ध वाहन का पीछा कर पकड़ा
गौरक्षा समिति के सदस्य केशव सोनकर ने बताया कि धमधा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार गौवंश तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद समिति के सदस्य विकास अग्रवाल, वीर ताम्रकार, योगेश यादव और लोभान निषाद ठेलका चौक के पास निगरानी कर रहे थे।
सुबह करीब 9 बजे एक संदिग्ध महिंद्रा पिकअप वाहन (एमपी 50 जेएच 5896) तेज रफ्तार में आता दिखाई दिया। टीम ने वाहन रोकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर वाहन भगाने लगा। शक होने पर गौरक्षकों ने पीछा कर वाहन को घेर लिया।
तालपतरी के नीचे ठूंसकर भरे थे मवेशी
वाहन का पिछला हिस्सा तालपतरी से ढंका हुआ था। अंदर से आवाज आने पर जांच की गई तो एक काला पड़वा और पांच काली पड़िया सहित कुल छह मवेशी ठूंसकर भरे मिले।
मवेशियों के खड़े होने तक की जगह नहीं थी। आरोप है कि उन्हें बिना चारा-पानी के लंबे सफर के लिए बांधकर रखा गया था। वाहन के अंदर की स्थिति बेहद अमानवीय बताई जा रही है।
पुलिस पूछताछ में खुला नेटवर्क
सूचना मिलने पर धमधा पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ में चालक ने अपना नाम अतुल गव्हारे निवासी पुरवाटोला, थाना लांजी जिला बालाघाट (मध्यप्रदेश) बताया।
जब पुलिस ने परिवहन संबंधी दस्तावेज मांगे तो आरोपी कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सका। आरोपी ने बताया कि मवेशियों को धमधा थाना क्षेत्र के ग्राम परोडा से लोड किया गया था और नागपुर कत्लखाने ले जाया जा रहा था।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पिकअप वाहन और मवेशियों को जब्त कर लिया। जब्त वाहन की कीमत करीब 9 लाख रुपए और मवेशियों की कीमत लगभग 25 हजार रुपए आंकी गई है।
तीन दिन में दूसरा मामला
धमधा क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे गौतस्करी के मामलों ने पुलिस और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। तीन दिन पहले भी इसी थाना क्षेत्र में संदिग्ध तरीके से मवेशियों से भरा वाहन पकड़ा गया था।
लगातार हो रही घटनाओं से आशंका जताई जा रही है कि दुर्ग, बेमेतरा और बालाघाट से जुड़ा कोई संगठित गिरोह ग्रामीण इलाकों से मवेशी इकट्ठा कर महाराष्ट्र के कत्लखानों तक पहुंचा रहा है।
ग्रामीणों में नाराजगी
घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। गौरक्षा समिति के सदस्यों का आरोप है कि तस्कर देर रात और सुबह के समय ग्रामीण मार्गों का इस्तेमाल कर पुलिस की नजर से बचने की कोशिश करते हैं।
इन धाराओं में मामला दर्ज
धमधा पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 तथा पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।