रायपुर में स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच शहर की सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई है। लगातार तीसरे दिन भी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन नहीं हो पाया। शुक्रवार सुबह कई इलाकों में लोग घरों के बाहर कचरे से भरे डस्टबिन लेकर गाड़ियों का इंतजार करते रहे, लेकिन कचरा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचीं। दलदल सिवनी स्थित यार्ड में सुबह से बड़ी संख्या में कचरा कलेक्शन वाहन खड़े रहे। मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया। शहर में सफाई व्यवस्था ठप होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
भुगतान विवाद में फंसी सफाई व्यवस्था
शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही मेसर्स DSW रामकी कंपनी ने काम पूरी तरह बंद कर दिया है। कंपनी का आरोप है कि नगर निगम ने मार्च 2025 से अब तक करीब 78 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया है। कंपनी अधिकारियों का कहना है कि बार-बार आंशिक भुगतान किया जा रहा है, जबकि संचालन खर्च लगातार बढ़ रहा है। इधर कचरा गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर भी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन और भुगतान को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। भुगतान विवाद और हड़ताल को लेकर गुरुवार को महापौर ने निगम अधिकारियों और रामकी कंपनी के प्रतिनिधियों की बैठक ली थी। बैठक में काम जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उसका असर जमीन पर दिखाई नहीं दिया। शुक्रवार को भी शहर की अधिकांश कॉलोनियों में कचरा कलेक्शन बंद रहा।
स्वच्छता सर्वेक्षण पर पड़ सकता है असर
इसी महीने रायपुर में केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण टीम का दौरा प्रस्तावित है। ऐसे समय में सफाई व्यवस्था चरमराने से नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। शहर में तीन दिन से कचरा नहीं उठने के कारण कई इलाकों में बदबू और गंदगी की स्थिति बनने लगी है।