रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा में सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर लगाया गया। इस दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने मंच से ही बिलाड़ी के पटवारी को एक घंटे के भीतर निलंबित करने के आदेश दे दिए। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि एक छोटे किसान को कई दिनों तक दफ्तरों के चक्कर लगवाए गए। उसकी जमीन को रिकॉर्ड में ‘निरंक’ दिखा दिया गया। शिकायत सुनते ही मंत्री ने नाराजगी जताई और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके पहले आरंग में सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी अफसर को फटकार लगा चुके हैं।
सोमवार को बीएनबी हाई स्कूल ग्राउंड में आयोजित इस शिविर में मंत्री टंकराम वर्मा और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने अतिक्रमण, अपराध और लंबित मामलों पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए समयसीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने सड़क, सफाई, बिजली, अतिक्रमण और राजस्व से जुड़ी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। 405 आवेदन पहुंचे, विभागों को सौंपे गए
समाधान शिविर में कुल 405 आवेदन पहुंचे थे। इनमें नगर पालिका क्षेत्र से जुड़े 80 मांग संबंधी आवेदन और सफाई, स्ट्रीट लाइट, बिजली तथा अतिक्रमण से जुड़े 61 आवेदन शामिल रहे। सभी आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को निराकरण के लिए भेजा गया।
अतिक्रमण नहीं हटा तो अफसरों पर कार्रवाई
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने तिल्दा-नेवरा में सरकारी जमीनों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने तहसीलदार को एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण चिन्हांकित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने चेतावनी दी कि समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर तहसीलदार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही एसडीएम को लेकर भी कहा कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।