कोरबा में कबाड़ी मुकेश साहू उर्फ बरबट्टी के अवैध निर्माण पर गुरुवार को नगर निगम और जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। 150 से अधिक पुलिस बल की मौजूदगी में दो मंजिला इमारत को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन भारी पुलिस बल के कारण विरोध के बावजूद बुलडोजर चलता रहा।
मुकेश साहू उर्फ बरबट्टी कोरबा के चर्चित पुल चोरी मामले का मुख्य आरोपी है। वह कबाड़ के धंधे की आड़ में लंबे समय से अवैध गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ कई थानों में मामले दर्ज हैं, जिनमें शहर में अवैध कब्जे कर गोदाम और दुकानें चलाने के आरोप भी शामिल हैं।
बुलडोजर कार्रवाई की सूचना मिलने पर बरबट्टी ने प्रशासन का रास्ता रोकने का प्रयास किया। टीम को घर तक पहुंचने से रोकने के लिए उसने घर के बाहर कई वाहनों के टायर निकालकर सड़क पर खड़े कर दिए थे, ताकि रास्ता अवरुद्ध हो जाए।
कार्रवाई के दौरान विरोध और पुलिस की तैनाती
जैसे ही बुलडोजर दो मंजिला मकान के पास पहुंचा, घर के सदस्य और समर्थक विरोध करने लगे। महिलाओं सहित परिवार के लोगों ने हंगामा किया और कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया। हालांकि, पहले से अलर्ट 150 पुलिस जवानों ने मोर्चा संभाला और विरोध के बावजूद तोड़फोड़ जारी रखी।
पहले भी हो चुकी है संपत्तियों पर कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब बरबट्टी पर कार्रवाई की गई है। इससे पहले भी पुलिस उसके गोदाम को सील कर चुकी है। शहर के राताखार, मुड़ापार और कोरकोमा रोड स्थित उसकी कबाड़ की दुकानें भी सील की जा चुकी हैं। प्रशासन उन दुकानों के अवैध कब्जों पर भी बुलडोजर चला चुका है।
प्रशासनिक सख्ती पर लोगों की प्रतिक्रिया
शहर में अवैध कब्जों और अपराधियों पर हो रही इस सख्त कार्रवाई की आम जनता सराहना कर रही है। लोगों का कहना है कि पुल चोरी जैसे गंभीर मामले के आरोपी पर प्रशासन का यह कदम आवश्यक था। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। सीएसपी सहित कई थानों के टीआई मौके पर मौजूद थे।