छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में खेलते समय खराब मोबाइल की बैटरी ब्लास्ट हो गई। हादसे में एक साल का मासूम गंभीर रूप से झुलस गया। उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बच्चे का चेहरा, सीना, पेट और हाथ बुरी तरह झुलस गए थे। डॉक्टर्स ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बचा नहीं सके। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र का है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, ब्रह्मपुर गांव के रहने वाले महेंद्र सिंह नेताम का बेटा आदित्य सिंह 31 मई को मां और भाई-बहन के साथ घर पर था। महेंद्र सिंह सुबह से ट्रैक्टर लेकर काम करने निकल गया था। आदित्य के बड़े भाई-बहन और बाकी बच्चों के साथ खेल रहे थे। बच्चों में कोई मोबाइल की पुरानी बैटरी ले आया था।
शाम करीब 5 बजे मां नल पर पानी भरने गई थी। इस दौरान बच्चे घर के बाहर ही खेल रहे थे। इस बीच खराब मोबाइल की बैटरी में धमाका हो गया। धमाके से मोबाइल बैटरी की चपेट में आकर मासूम आदित्य गंभीर रूप से झुलस गया। उसके चेहरे, सीने, पेट और हाथों में गंभीर चोटें आई थी।
सूरजपुर से अंबिकापुर रेफर किया
धमाके के दौरान 2 बच्चे भाग निकले। धमाके की आवाज सुनकर उनकी मां दौड़कर घर पहुंची। मौके पर आदित्य गंभीर रूप से झुलसा मिला। महेंद्र सिंह काम करने के बाद रात 9 बजे घर लौटा तो उसे आदित्य के झुलस जाने की जानकारी मिली।
पिता ने बच्चे को प्रेमनगर हॉस्पिटल में भर्ती कराया। शुरुआती इलाज के बाद उसे डॉक्टरों ने सूरजपुर रेफर कर दिया। सूरजपुर जिला अस्पताल से बच्चे को गंभीर अवस्था में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया।
इलाज के दौरान बच्चे की मौत
इसके बाद परिजन एक जून को बच्चे को लेकर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचे। इलाज के दौरान मंगलवार सुबह करीब 4 बजे बच्चे की मौत हो गई। पिता महेंद्र सिंह नेताम ने बताया कि, उन्हें नहीं पता यह बैटरी कहां से आई। उन्होंने कहा कि, बच्चे कहीं से बैटरी लेकर आए होंगे।
आशंका है कि बच्चों ने मोबाइल बैटरी के टर्मिनलों को शॉर्ट किया होगा। जिससे बैटरी में धमाका हुआ। पोस्टमॉर्टम के बाद बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजन बच्चे का शव लेकर गांव लौट गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।