छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की सरकारी शराब दुकानों में सुरक्षा गार्डों की नए भर्ती के लिए 35 हजार और नई वर्दी के नाम पर 15-15 हजार रुपए वसूले जाने का आरोप है। इस वसूली का कथित ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वहीं, वसूली से परेशान होकर सभी दुकानों के गार्डों ने जिला आबकारी अधिकारी को पत्र लिखकर BIS सुरक्षा कंपनी के अधिकारियों पर जबरन पैसे ऐंठने का आरोप लगाया है। शिकायत में कंपनी को CSMCL से ब्लैक लिस्ट करने की मांग की गई है।
आबकारी अधिकारी को सौंपे गए आवेदन के अनुसार BIS सुरक्षा कंपनी के फील्ड ऑफिसर बृजराज सिंह चौहान हर गार्ड से 15 हजार रुपए मांग रहे हैं। पैसे नहीं देने पर और 40 हजार से 60 हजार रुपए देने का दबाव बनाया जा रहा है।
गार्डों का कहना है कि उन्हें धमकी दी गई है कि अगर 7 दिनों के भीतर पैसे नहीं दिए तो मैनपावर कंपनी बदल दी जाएगी, उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी ने कंपनी से लिखित में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
BIS कंपनी को दी गई सुरक्षा की जिम्मेदारी
दरअसल, सरकारी शराब दुकानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी BIS कंपनी को दी गई। ऐसे में पुरानी कंपनी में काम कर रहे दुर्गेश कुमार साहू को फील्ड ऑफिसर के पद पर तैनात किया गया है।
आरोप है कि बृजराज सिंह चौहान और दुर्गेश कुमार साहू गार्ड पर वसूली के दबाव बना रहे हैं। क्योंकि वह सभी पुराने गार्डों को अच्छी तरह जानता है। दुर्गेश कुमार साहू पूर्व में चल रही ईगल हंटर और प्राइम वन की कंपनी में मैनपावर एजेंशी में फील्ड ऑफिसर रह चुके हैं।
आरोप है कि जो गार्ड पैसे देने का विरोध कर रहे हैं, उनसे दबावपूर्वक वीडियो बनवाया जा रहा है, जिसमें वे अपनी मर्जी से पैसे देने की बात कह रहे हैं। इसी बीच एक गार्ड ने बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग कर ली, जिसे सबूत के तौर पर उच्च अधिकारियों को सौंपा गया है।