सूरजपुर जिले के द्वारिकानगर, मंजीरा, लटोरी और आसपास के गांवों में मोटर पम्प एवं समरसिबल चोरी की लगातार घटनाओं से परेशान किसानों को बड़ी राहत मिली

Chhattisgarh Crimesसूरजपुर जिले के द्वारिकानगर, मंजीरा, लटोरी और आसपास के गांवों में मोटर पम्प एवं समरसिबल चोरी की लगातार घटनाओं से परेशान किसानों को बड़ी राहत मिली है। चौकी लटोरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोरी करने वाले और चोरी का सामान खरीदने वाले कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के 5 मोटर पम्प भी बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार ग्राम द्वारिकानगर निवासी शिवकुमार के तालाब से समरसिबल पम्प और स्टार्टर चोरी हो गया था। वहीं हीराधन राजवाड़े के खेत से मोनोब्लाक मोटर पम्प चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

इसके बाद अनुज राजवाड़े, संतोष ठाकुर और पिताम्बर राजवाड़े ने भी अलग-अलग तिथियों में खेतों और बाड़ियों से मोटर पम्प चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद चौकी लटोरी पुलिस ने विशेष जांच शुरू की।

पहले तीन आरोपी पकड़ाए

जांच के दौरान 6 जून को पुलिस ने कृष्णा पण्डो, इंदर पण्डो और एक नाबालिग बालक को हिरासत में लिया। उनके कब्जे से चोरी का एक पम्प और एक बाइक बरामद की गई।

पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने और चोरी का सामान बेचने की बात स्वीकार की।

सात आरोपियों तक पहुंची पुलिस

जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने तिलेश्वर प्रसाद राजवाड़े, इन्द्रपाल पैकरा, लालमोहन चेरवा, बिवेश्वर चेरवा उर्फ दारू, टेमसाय उर्फ जदु, गणेश राजवाड़े और पारस पैकरा को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ में सभी आरोपियों ने चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 3 मोनोब्लाक पम्प और 2 समरसिबल पम्प बरामद किए।

50 हजार रुपए के उपकरण जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 5 मोटर पम्प बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 50 हजार रुपये बताई गई है।

मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2), 317(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक में भेज दिया गया।

किसानों में बढ़ रहा था आक्रोश

लगातार हो रही मोटर पम्प चोरी की घटनाओं से क्षेत्र के किसान परेशान थे। सिंचाई उपकरण चोरी होने से खेती का कार्य प्रभावित हो रहा था और ग्रामीणों में पुलिस के प्रति नाराजगी बढ़ रही थी।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई

डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए चोरों और चोरी का सामान खरीदने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

इन्हीं निर्देशों के तहत चौकी लटोरी पुलिस ने लगातार पतासाजी कर पूरे गिरोह का खुलासा किया। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी अरुण कुमार गुप्ता सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।