मुंगेली में नए शिक्षण सत्र से पहले स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया गया। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से स्कूल बसों का निरीक्षण किया। यह अभियान SSP भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में एसएनजी कॉलेज मैदान में आयोजित किया गया था।
इस जांच अभियान में जिले की कुल 29 स्कूल बसें शामिल हुईं। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से निर्धारित 16 सुरक्षा मानकों के आधार पर बसों की तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित बसों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए।
सुरक्षा उपकरणों की कमी उजागर
जांच में 10 बसों में कई सुरक्षा उपकरणों की कमी पाई गई। इनमें फर्स्ट एड बॉक्स, जीपीएस और अग्निशमन यंत्र शामिल थे। स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले इन सभी कमियों को तत्काल दूर करें और निर्धारित मानकों के अनुरूप बसों का संचालन सुनिश्चित करें।
बस चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण
इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी सहयोग किया। टीम ने बस चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें रक्तचाप, शुगर और नेत्र जांच शामिल थी। इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
सीसीटीवी लगाने की अपील
सभी विद्यालय प्रबंधन से बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की गई है ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे।
SSP ने डायल-112 की कार्यक्षमता परखी
वहीं, SSP भोजराम पटेल देर रात डायल-112 सेवा की कार्यक्षमता और रिस्पांस टाइम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आमजन को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने वाली इस सेवा का परीक्षण करने के लिए खुद प्रार्थी बनकर कॉल किया।
रात 11:38 बजे एसएसपी पटेल ग्राम कोदवाबानी पहुंचे, जो जरहागांव, लालपुर और सिटी कोतवाली थाना क्षेत्रों के मध्य स्थित है। वहां से उन्होंने डायल-112 पर सड़क दुर्घटना और घटनास्थल पर भीड़ जमा होने की सूचना दी।
सूचना मिलने के मात्र तीन मिनट बाद डायल-112 कंट्रोल रूम से रिस्पांस कॉल आया, जिसमें टीम ओर से 15 से 20 मिनट में घटनास्थल पहुंचने की जानकारी दी गई। डायल-112 वाहन रात 11:44 बजे रवाना हुआ और लगभग 22 मिनट के भीतर कोदवाबानी पहुंच गया।
डायल-112 वाहन में बैठकर देखी कार्यप्रणाली
एसएसपी ने वाहन में बैठकर स्क्रीन पर दर्ज जानकारी का अवलोकन किया और स्टाफ की कार्यप्रणाली देखी। उन्होंने आरक्षक सुनील खाण्डे सहित उपस्थित स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसी तरह, रात 01:10 बजे मुंगेली बस स्टैंड पर एक अन्य दुर्घटना की सूचना मिलने पर एसएसपी पटेल डायल-112 वाहन में सवार होकर घटनास्थल पहुंचे और रात 01:20 बजे मौके का निरीक्षण किया।
108 एम्बुलेंस सेवा का भी किया परीक्षण
इस दौरान 108 एम्बुलेंस सेवा के पहुंचने पर उसकी कार्यप्रणाली का भी परीक्षण किया गया। निरीक्षण में डायल-112 वाहन चालक निर्धारित वेशभूषा में नहीं पाया गया, जिस पर उसे ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से यूनिफॉर्म पहनने के निर्देश दिए गए।
महिला सुरक्षा और आपात स्थितियों में त्वरित रिस्पांस के निर्देश
निरीक्षण के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने डायल-112 स्टाफ को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सेवा आमजन की सुरक्षा और सहायता के लिए है, इसलिए महिला सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं, आपातकालीन परिस्थितियों और अन्य अपराध संबंधी सूचनाओं पर तत्काल और प्रभावी रिस्पांस सुनिश्चित किया जाए।
नागरिकों के साथ सौम्य व्यवहार पर दिया जोर
एसएसपी ने स्टाफ को घटनास्थल पर शीघ्र पहुंचकर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करने, नागरिकों के साथ सौम्य और संवेदनशील व्यवहार रखते हुए पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।