राजधानी के गोंदवारा स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में इलाजरत 31 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

Chhattisgarh Crimesराजधानी के गोंदवारा स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में इलाजरत 31 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

मृतक की पहचान धरसीवां निवासी प्रदीप गिरी गोस्वामी के रूप में हुई है।

मृतक के परिजनों की सूचना पर खमतराई पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है

अब पढ़े क्या पूरा मामला

खमतराई पुलिस के मुताबिक, प्रदीप गिरी लंबे समय से शराब की लत से परेशान था। परिजनों ने नशा छुड़ाने के उद्देश्य से उसे 21 जून को गोंदवारा स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था।

शुक्रवार की रात एक बजे उसकी तबियत बिगड़ी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) भेज दिया।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक के पिता का आरोप है कि प्रदीप के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे मौत संदिग्ध प्रतीत होती है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी की लापरवाही या मारपीट सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

खमतराई थाना पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मृतक के साथ किसी प्रकार की मारपीट या शारीरिक प्रताड़ना के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं। फिलहाल इसे सामान्य मौत माना जा रहा है, लेकिन मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

बताया जा रहा है कि प्रदीप की शादी पिछले वर्ष हुई थी। इससे पहले भी प्रदेश के कुछ नशा मुक्ति केंद्रों में इलाज के दौरान मौत और हिंसा के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब पढ़े पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा

खमतराई थाना प्रभारी जितेंद्र जायसवाल ने बताया, कि शुक्रवार-शनिवार रात एक बजे प्रदीप की तबियत खराब होने पर उसको उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। उसकी मौत हो गई है।

मामलें में मर्ग कायम किया गया है। पीएम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे है। जिस नशामुक्ति केंद्र में प्रदीप भर्ती था, वहां पूर्व में मारपीट जैसी घटना सामने आई है। मामलें में जांच की जा रही है।