बस्तर जिला एसपी कार्यालय की वेतन शाखा में बड़ी गड़बड़ी सामने आई

Chhattisgarh Crimesबस्तर जिला एसपी कार्यालय की वेतन शाखा में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। यहां पदस्थ तीन आरक्षकों ने षड्यंत्र कर खजाने से 3 करोड़ 40 लाख 68 हजार 204 रुपए का गबन किया। खुलासा होने के बाद अपराध अन्वेषण शाखा, मुख्यालय जगदलपुर की उप पुलिस अधीक्षक सुसंता लकड़ा की लिखित शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने तीनों पर केस दर्ज किया। इस मामले को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (आई) ने पकड़ा है।

कोतवाली पुलिस ने जिन्हें आरोपी बनाया है, उनमें आरक्षक गिरीश राय, आरक्षक हेमंत कुमार, आरक्षक राजकुमार कतलम शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार फर्जीवाड़ा सितंबर 2023 से मई 2026 तक 33 महीने चलता रहा। आरोपियों ने वेतन शाखा में रहते हुए विभागीय पे-रोल सॉफ्टवेयर और सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग किया। फर्जी वेतन देयक तैयार किए गए। वरिष्ठ अधिकारियों को धोखे में रखा गया। इसके बाद इतनी बड़ी शासकीय राशि अनधिकृत रूप से ट्रांसफर कराई गई।

कोतवाली पुलिस ने 29 जून 2026 को सुबह 07:13 बजे औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर लिया है। राज्य पुलिस मुख्यालय से मिले एआई इनपुट्स के आधार पर अब पुलिस की विशेष टीम मास्टरमाइंड गिरीश राय और उसके साथियों के बैंक खातों, ट्रेडिंग अकाउंट्स और मॉल के दस्तावेजों को फ्रीज करने की कार्रवाई कर रही है। माना जा रहा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।

पिता शहीद हुए तो अनुकंपा में बेटे को नौकरी, वही बना ठग: इस मामले का मास्टरमाइंड आरक्षक गिरीश राय है। पिता पुलिस में रहते हुए नक्सली हमले में शहीद हुए थे। गिरीश को 2017 में अनुकंपा नियुक्ति मिली। उसे एसपी ऑफिस की वेतन शाखा के मुख्य अकाउंटेंट की मदद के लिए रखा गया था। उन्हें कंप्यूटर की तकनीकी जानकारी बेहद कम थी। जबकि गिरीश कंप्यूटर में पकड़ रखता था। उसने बाबू को विश्वास में लेकर धीरे-धीरे पूरा सिस्टम अपने कब्जे में ले लिया। शुरुआत में 10-20 हजार उड़ाने के बाद लाखों की हेरफेर करने लगा।

जगदलपुर में खोला मॉल, शेयर मार्केट में इंट्रा-डे ट्रेडिंग में डूब गई रकम

सरकारी खजाने से उड़ाई गई इस राशि का एक बड़ा हिस्सा मास्टरमाइंड गिरीश राय शेयर मार्केट और इंट्रा-डे ट्रेडिंग में लगा रहा था। वहां उसे लगातार भारी नुकसान हो रहा था। हर बार घाटा खाने के बाद वह अगली बार मुनाफे की उम्मीद में और धंसता गया। इसी गबन के एक हिस्से से उसने जगदलपुर के प्राइम लोकेशन पर एक आलीशान मल्टी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी शुरू कराया। उसका ढांचा खड़ा हो चुका है। हालांकि इस निर्माण की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस अफसर इस रियल एस्टेट और शेयर मार्केट कनेक्शन पर अधिकृत बयान देने से बच रहे हैं।

भास्कर इनसाइट

PHQ को हुआ संदेह : बस्तर में खर्च अचानक 1000 गुना बढ़ा

गिरीश खुद को तो शातिर समझ रहा था, लेकिन वह रायपुर पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) की डिजिटल नजरों से नहीं बच सका। पीएचक्यू की फाइनेंस शाखा ने देखा कि अचानक बस्तर एसपी कार्यालय के वेतन भत्ते और खर्चे असामान्य रूप से बढ़ रहे हैं। इसके बाद मुख्यालय की टीम ने एआई की मदद से बस्तर पुलिस के पिछले 10 सालों के खर्चों का डेटा एनालिसिस किया। इससे खुलासा हुआ कि हाल के दिनों में बस्तर पुलिस के कुछ विशिष्ट मदों में खर्च 1000 गुना बढ़ गए थे। इस रेड फ्लैग के बाद पीएचक्यू की विशेष टीम तुरंत जगदलपुर पहुंची और जांच की।