छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने रायपुर के नकटी गांव में हुई कार्रवाई पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा है कि पूरे गांव में नहीं, बल्कि सिर्फ एक वार्ड में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है। प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कर उन्हें नया रायपुर में मकान भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
मंत्री के मुताबिक, यह कार्रवाई 29 जून को उस हिस्से में की गई थी जहां राजस्व विभाग की जमीन पर कब्जा था। नकटी गांव में कुल 17 वार्ड हैं, जिनमें से केवल एक वार्ड में यह कार्रवाई हुई है, इसलिए पूरे गांव को उजाड़े जाने की बात बिल्कुल गलत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित जमीन आज भी राजस्व विभाग के ही अधीन है।
दूसरी तरफ, इस मामले को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा के लोगों को आंख मिलाकर झूठ बोलना सिखाया जाता है और नकटी मामले में सरकार लगातार गलत जानकारी दे रही है। वहीं, पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी गलतियों को छिपाने के लिए लगातार अलग-अलग बयानबाजी कर रही है।
2020 में शुरू हुई थी जमीन आबंटन की प्रक्रिया
केदार कश्यप ने कहा कि, नकटी की 15.47 हेक्टेयर जमीन को आवासीय योजना के लिए देने की प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के समय शुरू हुई थी। उनके मुताबिक 2020 में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने जमीन आबंटन के लिए तत्कालीन कलेक्टर को प्रस्ताव भेजा था।
इसके बाद 26 जून 2021 को पटवारी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। उन्होंने कहा कि इसी अवधि के दौरान इलाके में अतिक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता गया।
प्रभावित परिवारों को नया रायपुर में मिले मकान
मंत्री ने कहा कि, राजस्व अभिलेखों में संबंधित जमीन हाउसिंग बोर्ड के लिए चिन्हित है। शुरुआती दौर में लगभग 3 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिक्रमण था, जो बाद में बढ़कर करीब 15 हेक्टेयर तक पहुंच गया। इसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई की।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई से पहले जिला प्रशासन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रभावित परिवारों के साथ कई दौर की चर्चा की थी। साथ ही पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की प्रक्रिया भी चलाई गई थी। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को नया रायपुर में आवास उपलब्ध कराया गया और मकानों की चाबियां भी सौंपी गईं