छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी और निजी स्कूलों में अब तक छात्रों को पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल सकी

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी और निजी स्कूलों में अब तक छात्रों को पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। स्कूल खुले 20 दिन से अधिक हो चुके हैं, लेकिन कई स्कूलों में किताबों का वितरण अधूरा है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।

शासन के नियमों के अनुसार कक्षा 1 से 10वीं तक के सरकारी स्कूलों के छात्रों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि सत्र शुरू होते ही पढ़ाई सुचारु रूप से शुरू हो सके। लेकिन जिले के अधिकतर स्कूलों में अभी तक सभी विषयों की किताबें नहीं पहुंची हैं।

तमनार के कुछ स्कूलों और धरमजयगढ़ के दो स्कूलों में अब तक किताबें नहीं पहुंची हैं। वहीं, स्वामी आत्मानंद हिंदी और इंग्लिश मीडियम स्कूलों में भी कक्षा 1 से 10वीं तक के छात्रों को कुछ विषयों की किताबें मिली हैं, जबकि कई विषयों की किताबें अभी नहीं बांटी जा सकी हैं।

अभिभावकों का कहना है कि बच्चे नियमित रूप से स्कूल जा रहे हैं, लेकिन सभी विषयों की किताबें नहीं मिलने से पढ़ाई पूरी तरह शुरू नहीं हो पा रही है।

स्कैनिंग में आ रही तकनीकी दिक्कत

आत्मानंद नटवर हाई स्कूल के प्राचार्य दिनेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि किताबें स्कूल पहुंच चुकी हैं, लेकिन कुछ पुस्तकों के बारकोड पोर्टल पर स्कैन नहीं हो रहे हैं। जो किताबें सफलतापूर्वक स्कैन हो रही हैं, उनका वितरण विद्यार्थियों को किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कुछ किताबें तीन-चार दिन पहले ही स्कूल पहुंची हैं। बारकोड स्कैन नहीं होने के कारण वितरण में देरी हो रही है।

DEO बोले- 13 जुलाई तक पूरा होगा वितरण

जिला शिक्षा अधिकारी श्यामनंद साहू ने बताया कि जिले में प्राथमिक से हायर सेकेंडरी तक 2,261 शासकीय और 301 निजी स्कूल हैं। तमनार के स्वामी आत्मानंद हिंदी मीडियम स्कूल और धरमजयगढ़ के दो स्कूलों में गुरुवार को वाहन उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण किताबें नहीं पहुंच सकीं।

निजी स्कूलों में भी किताब वितरण का कार्य लगातार जारी है और 13 जुलाई तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। बारकोड स्कैनिंग की तकनीकी समस्या जरूर आ रही है। कई बार कोड स्कैन नहीं हो रहा है, लेकिन स्कूल के डाइस (DISE) कोड और अन्य प्रक्रिया के माध्यम से वितरण कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इंग्लिश मीडियम की कुछ किताबों की आपूर्ति में थोड़ा विलंब हुआ है, लेकिन जल्द ही सभी छात्रो को पूरी किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगी।