गौरेला के बहुचर्चित बोलेरो लूट और चालक नंदू काशीपुरी हत्या मामले में द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। मुख्य आरोपी रामाशंकर सोनी, रोहित यादव, लालू चौधरी और सावित्री को हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
सभी पर पांच-पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। अदालत ने रामाशंकर, रोहित और लालू को साक्ष्य छिपाने का दोषी भी पाया। तीनों को इस अपराध में सात-सात साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई।
वाहन रखने वाले आरोपी को एक साल की सजा
चोरी की बोलेरो अपने पास रखने के आरोपी उमाकांत उपाध्याय को धारा 411 के तहत एक साल की सजा और एक हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया। वहीं, पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर आरोपी हेमराज सिंह को बरी कर दिया गया।
बोलेरो लूटने के लिए रची थी साजिश
यह वारदात सितंबर 2022 की है। आरोपियों ने बोलेरो लूटने और चालक की हत्या की साजिश रची थी। 6 सितंबर 2022 को ग्राम कुदरी के पास से चालक नंदू काशीपुरी का अपहरण किया गया।
क्लच वायर से गला घोंटकर की हत्या
जांच में सामने आया कि रामाशंकर और लालू ने चालक को पकड़े रखा, जबकि रोहित यादव ने मोटरसाइकिल के क्लच वायर से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।
शव रेलवे ट्रैक पर फेंककर आत्महत्या दिखाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को मध्य प्रदेश के बिजुरी स्थित रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया, ताकि घटना आत्महत्या लगे। पुलिस को गुमराह करने के लिए बोलेरो की असली नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी गई थी।
वैज्ञानिक साक्ष्य बने अहम आधार
मामले की सुनवाई के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्यों और फिंगरप्रिंट रिपोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने पैरवी की।
पीड़ित परिवार को मुआवजे की सिफारिश
अदालत ने मृतक के परिजनों को ‘पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना 2011’ के तहत मुआवजा दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर को सिफारिश भेजी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।