सरगुजा जिले के सीतापुर नगर में नेशनल हाईवे-43 किनारे स्थित मुख्य बाजार में दिनदहाड़े करीब एक करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवरात से भरा बैग चोरी की घटना सामने आई है। इस वारदात के बाद से स्थानीय व्यापारियों में दहशत और पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ नाराजगी का माहौल है।
काशी विश्वनाथ ज्वैलर्स के संचालक अरुण देव सोनी सुबह अपनी मोपेड से दुकान पहुंचे थे। उन्होंने जेवरात से भरा भारी बैग स्कूटी पर ही रखा और दुकान का शटर उठाने लगे। इसी दौरान पहले से ही घात लगाकर बैठे एक शातिर युवक ने मौके का फायदा उठाया और पलक झपकते ही बैग लेकर फरार हो गया।
जब तक कारोबारी कुछ समझ पाते, आरोपी अपने साथी के साथ मौके से फरार हो चुके थे। यह वारदात दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें संदिग्ध युवक बैग लेकर भागता हुआ नजर आ रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही सीतापुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास के अन्य सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद व्यापारियों ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि मुख्य बाजार में लगातार चोरी और उठाईगिरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में पुलिस आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है। दिनदहाड़े व्यस्त बाजार से करोड़ों के जेवरात चोरी होना पुलिस की गश्त व्यवस्था और सुरक्षा दावों की पोल खोलता है।
व्यापारियों ने बाजार क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी निगरानी को प्रभावी करने और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की पुरजोर मांग की है।
सोना खरीदकर म्यूल खाते से पैमेंट, ठगी का केस दर्ज
रायपुर के टिकरापारा स्थित ‘अजय ज्वेलरी’ के संचालक अजय सोनी से ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। घटना 9 दिन पुरानी है लेकिन शिकायत रविवार को दर्ज हुई। 17 जुलाई को एक युवक दुकान पहुंचा और 76,220 रुपए का सोने का सिक्का तथा 23,500 रुपए का सोना खरीदकर ऑनलाइन भुगतान किया। एक घंटे बाद उसने दूसरा ऑर्डर रद्द कर 23,500 रुपए की राशि कारोबारी से ऑनलाइन वापस ले ली।
फर्जी ट्रांजेक्शन के कारण बैंक ने कारोबारी के खाते में जमा 2 लाख होल्ड कर दिए है।
9 दिन पहले हुई इस घटना के बाद पीड़ित ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच कर रही है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी या विवादित ट्रांजेक्शन के जरिए भुगतान किया था। इसके बाद कारोबारी ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई।