बिलासपुर में बालाजी गैस एजेंस पर घरेलू गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करने का आरोप लगा

Chhattisgarh Crimesबिलासपुर में बालाजी गैस एजेंस पर घरेलू गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करने का आरोप लगा है। गुरुवार को उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर दूसरे को सिलेंडर बेचने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।

जब पुलिस पहुंची, तब कर्मचारियों ने शटर गिरा दिया और विवाद करने वाले उपभोक्ताओं को शांत कराकर सिलेंडर देने लगे। उपभोक्ताओं ने एजेंसी में घरेलू गैस सिलेंडर के वितरण में मनमानी और कालाबाजारी करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।

बता दें कि देश भर में सिलेंडर की किल्लत की खबरों के बीच तीन माह पहले कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने कहा था कि किसी भी उपभोक्ता को गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़े और शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

OTP लेकर दूसरों को दे दिया सिलेंडर

उपभोक्ताओं का आरोप है कि जिले में गैस की किल्लत के चलते ऑनलाइन बुकिंग कराने के बाद ही सिलेंडर देने के निर्देश हैं। इसके बावजूद बालाजी गैस एजेंसी में ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर आवंटित सिलेंडर दूसरे लोगों को देने का आरोप लगाया गया है।

उपभोक्ताओं के मुताबिक, उनके मोबाइल पर ऑनलाइन बुकिंग का मैसेज और ओटीपी आया है। ओटीपी लेने के लिए एजेंसी के कर्मचारी उन्हें फोन भी कर रहे हैं। एजेंसी की ओर से दो से तीन दिन में सिलेंडर देने का दावा किया गया था।

लेकिन ऑनलाइन बुकिंग और ओटीपी लेकर एजेंसी पहुंचने पर उपभोक्ताओं को कभी सिलेंडर नहीं होने तो कभी सर्वर डाउन होने का हवाला देकर लौटा दिया जाता है। गुरुवार को भी ऐसा ही होने पर उपभोक्ता भड़क गए। इसके बाद एजेंसी में हंगामा शुरू हो गया।

तीन से पांच बार लगाने पड़ रहे चक्कर

ग्राहकों का कहना है कि दूर-दराज से लोग अपना काम छोड़कर सिलेंडर लेने एजेंसी पहुंचते हैं, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें सिलेंडर नहीं दिया जाता। आरोप है कि कई ग्राहकों को तीन से पांच बार तक एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे बुजुर्गों और महिला ग्राहकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

OTP लेने के बाद भी नहीं मिला सिलेंडर

ग्राहकों के मुताबिक बुकिंग के करीब एक सप्ताह बाद एजेंसी से फोन कर ओटीपी लिया जाता है। इसके बाद एक सप्ताह बाद सिलेंडर लेने के लिए बुलाया जाता है। ग्राहक जब तय तारीख पर पहुंचते हैं तो उन्हें अलग-अलग कारण बताकर वापस कर दिया जाता है।

इससे ग्राहकों में नाराजगी है। वहीं, दूसरी तरफ गैस और ऑयल कंपनियों के अफसरों के साथ ही स्थानीय अधिकारी कह रहे हैं कि ग्राहकों को इस तरह ओटीपी नहीं देना चाहिए। उन्हें एजेंसी जाकर अपनी सिलेंडर की डिमांड करनी चाहिए।

कर्मचारियों के व्यवहार पर भी सवाल

महिला ग्राहकों ने एजेंसी के कर्मचारियों के व्यवहार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत करने पर कई बार अभद्रता और गाली-गलौज तक की जाती है। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कुछ कर्मचारियों की ओर से कथित तौर पर यह तक कहा जाता है कि जहां शिकायत करनी है कर लो, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।