न्यू स्वागत विहार कॉलोनी के पास 23 जुलाई को झाड़ियों के पीछे पानी भरी जमीन में मिली महिला (35) की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने संदेही डीके साहू को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक संदेही सेक्सुअल साइकोपैथ है। पूछताछ में पता चला कि उसने महिला से जबरदस्ती का प्रयास किया। विरोध करने पर गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के साथ दुष्कर्म किया और पानी में फेंककर फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक संदेही पहले भी महिलाओं के साथ ऐसी हरकत कर चुका है। नाबालिग रहते हुए एक लड़की से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत उसे 10 साल की सजा हुई थी और वह बाल गृह में रहा था। कुछ साल पहले छूटने के बाद वह फिर ऐसी घटनाओं में शामिल होने लगा। पुलिस मनोवैज्ञानिक की मदद से उसकी मनोदशा समझने के लिए पूछताछ कर रही है।
मृतका बोरियाकला की रहने वाली थी। उसकी दो बेटियां और एक बेटा हैं। वह पास की सोसायटी में भोजन बनाती थी। 23 जुलाई सुबह करीब 8 बजे काम पर निकली, लेकिन शाम 5 बजे तक नहीं लौटी। इसी दौरान एक परिवार ने पानी भरी जमीन में शव देखकर पुलिस को सूचना दी। महिला के मुंह से झाग निकल रहा था और कपड़े अस्त-व्यस्त थे। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या और दुष्कर्म के प्रयास की पुष्टि हुई।
इंतजार में सड़क पर बैठा रहा, अकेले देखकर किया हमला
महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने जिस संदेही को हिरासत में लिया है, उसने घटना के कुछ दिन पहले बोरियाकला के पास 16 साल की नाबालिग से जबरदस्ती की कोशिश की थी। नाबालिग रात में घर लौट रही थी। सुनसान इलाके में आरोपी ने उसे पीछे से पकड़ लिया और जबरदस्ती करने का प्रयास किया। नाबालिग ने विरोध किया तो संदेही ने उसे नाली में धकेल दिया और पैर से दबाने लगा। इससे नाबालिग को चोट आई। इस मामले की मुजगहन थाने में शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। सिर्फ मारपीट का सामान्य केस दर्ज किया।
महिला पर कई दिनों से नजर… 23 जुलाई की दोपहर संदेही महिला के इंतजार में सड़क पर बैठा था। उसने कुछ दूर तक महिला का पीछा किया। सड़क सुनसान मिलते ही उसने महिला को पकड़ लिया। महिला ने चीखने-चिल्लाने का प्रयास किया तो उसका मुंह दबा दिया और घसीटते हुए झाड़ियों के पीछे ले गया। वहां उसने महिला का गला दबा दिया। महिला तड़पने लगी और दम तोड़ दिया। इसके बाद आरोपी ने जबरदस्ती करने की कोशिश की। इसके बाद वह घर से बाहर नहीं निकला। वह कई दिनों से महिला पर नजर रखे हुए था।
फोन नहीं चलाता इसलिए पकड़ने में मशक्कत
संदेही मोबाइल का उपयोग नहीं करता है। इसलिए पुलिस को उस तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी। घटनास्थल पर कैमरा भी नहीं लगा है। घटना के समय बारिश हो रही थी, इसलिए सड़क भी सुनसान थी।
14 साल की उम्र में नाबालिग से जबरदस्ती की कोशिश
युवक ने 14 साल की उम्र में नाबालिग से जबरदस्ती की कोशिश की थी। गिरफ्तारी के बाद उसे बाल गृह भेजा गया और बाल न्यायालय ने 10 साल कैद की सजा दी। वह 2024 के आसपास छूटा। जानकारी के मुताबिक वह हर युवती-महिला को बुरी नजर से देखता था और सेक्सुअल साइकोपैथ हो गया था।