प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस शहीद वीर नारायण सिंह मेमोरियल ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन किया था, उसे तैयार करने वाले कलाकारों और वेंडरों का भुगतान अब तक अटका हुआ

Chhattisgarh Crimesप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस शहीद वीर नारायण सिंह मेमोरियल ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन किया था, उसे तैयार करने वाले कलाकारों और वेंडरों का भुगतान अब तक अटका हुआ है। कलाकारों का आरोप है कि काम पूरा होने के करीब 10 महीने बाद भी उन्हें पेमेंट नहीं मिला है। भुगतान के लिए कलाकार और वेंडर विभाग और ठेकेदार के चक्कर लगा रहे हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, भुगतान नहीं मिलने से परेशान एक वेंडर ने नस काटकर जान देने की कोशिश भी की थी। हालांकि, समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उसकी जान बच गई। भुगतान में हो रही देरी को लेकर सीएम से भी शिकायत की गई है।

कलाकार विवेक सोलंकी ने बताया कि मैंने शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय की चार गैलरी तैयार करने में 30 महीने से ज्यादा समय तक काम किया। प्रधानमंत्री के उद्घाटन को देखते हुए समय पर काम पूरा करने के लिए मुझे अपने घर के जेवर गिरवी रखने पड़े और बैंक से कर्ज लेकर पैसा लगाना पड़ा।

काम पूरा हुए करीब 10 महीने हो गए, लेकिन अब तक भुगतान नहीं मिला है। ठेकेदार आशीष अग्रवाल से बात करने पर वे लगातार आश्वासन मिलता है, जबकि विभागीय अधिकारी ठेकेदार से बात करने की बात कहते हैं।

60-70 लाख रुपए बकाया, ठेकेदार फोन नहीं उठाते

सोलंकी ने बताया कि उनका करीब 60-70 लाख रुपए का भुगतान बकाया है। उन्होंने कहा कि वे लगातार ठेकेदार से पेमेंट को लेकर बात करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ठेकेदार फोन नहीं उठाते। अधिकारियों से भी लगातार भुगतान के लिए बात कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।

सोलंकी ने बताया कि काम के दौरान उनसे अधिकारियों ने कहा था कि तय समय पर काम पूरा करें और काम अच्छी तरह करें, भुगतान की व्यवस्था हम कराएंगे इसी भरोसे पर हमने काम पूरा करने के लिए मार्केट से लोन लेकर पैसा लगाया था। अब हम लोन भी नहीं चुका पा रहे हैं।

पेमेंट के लिए भटक रहे

म्यूजियम में साइनएज का काम करने वाले आनंद कासेवाले ने बताया कि उन्होंने आशीष अग्रवाल की जेपी कंस्ट्रक्शन कोरबा कंपनी के अधीन काम किया था। उनके करीब 26 लाख रुपए का भुगतान 10 महीने से अटका हुआ है।

कासेवाले ने बताया कि ठेकेदार का कहना है कि विभाग से पेमेंट आने के बाद भुगतान किया जाएगा, जबकि विभाग की ओर से बताया जा रहा है कि जेपी कंस्ट्रक्शन ने बिल और जरूरी डेटा समय पर जमा नहीं किया था। जिसकी वजह से काफी देरी हुई।