छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सब्जी नहीं बनाने की बात पर पति ने पत्नी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 1 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।
घटना रैरूमाखुर्द चौकी क्षेत्र की है। दरअसल, 27 मई 2021 को पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम बोंकीटोला पतरापारा में अभिलाल एक्का ने अपनी पत्नी क्षमा एक्का की डंडे से पीटकर हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही तत्कालीन चौकी प्रभारी जेम्स कुजूर ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
जांच के दौरान महेश एक्का ने पुलिस को बताया कि वह सुबह अपनी मां के साथ घर के आंगन में बातचीत कर रहा था। इसी दौरान उसका चचेरा भाई अभिलाल एक्का (35) वहां पहुंचा और कहा कि उससे गलती हो गई है। महेश ने जब गलती के बारे में पूछा, तो अभिलाल ने बताया कि क्षमा एक्का की मौत हो गई है।
महेश, अभिलाल के साथ उसके घर पहुंचा। वहां क्षमा एक्का जमीन पर मृत पड़ी थी। उसके सिर पर चोट के निशान थे। पूछताछ में अभिलाल ने बताया कि रात में उसने पत्नी से सब्जी बनाने के लिए कहा था, लेकिन उसने सब्जी नहीं बनाई। इस बात से गुस्से में आकर उसने बांस के डंडे से पत्नी के सिर और माथे पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
आरोपी की निशानदेही पर डंडा जब्त
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल बांस का डंडा जब्त किया गया। पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज किए और अन्य साक्ष्य भी जुटाए।
विवेचना पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
आजीवन कारावास के साथ 1 हजार रुपए का जुर्माना
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा की अदालत में हुई। न्यायालय ने अभिलाल एक्का को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 1 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
इसके अलावा न्यायालय ने मृतका के विधिक वारिसों और आश्रितों को विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से 1 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने की अनुशंसा की है। मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की।