राजधानी रायपुर की सरकारी राशन दुकान से करीब 16 लाख रुपए के राशन के गबन का मामला सामने आया है। जोरा वार्ड क्रमांक 51 की राशन दुकान (आईडी 442001026) की जांच के दौरान बड़ी मात्रा में चावल का स्टॉक कम मिला।
खाद्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने दुकान संचालक टोपेश्वर साहू (27) के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
खाद्य विभाग ने 29 अक्टूबर 2025 को राशन दुकान का निरीक्षण किया था। इस दौरान कई हितग्राहियों ने शिकायत की कि उन्हें अक्टूबर महीने का पीडीएस चावल और शक्कर नहीं मिला है।
जांच के दौरान दुकान में करीब 265 राशन कार्ड मिले। आरोप है कि दुकान संचालक ने हितग्राहियों से राशन कार्ड जमा कराए और ई-पॉस मशीन में उनका बायोमेट्रिक सत्यापन भी कराया। इसके बाद उन्हें न तो राशन दिया गया और न ही राशन कार्ड वापस किए गए।
जांच में करीब 250 राशन कार्ड की एंट्री ई-पॉस मशीन में मिली, लेकिन इन हितग्राहियों को चावल नहीं दिया गया था। जांच में कुल 81.07 क्विंटल चावल के गबन की बात सामने आई।
दोबारा सत्यापन में 389 क्विंटल चावल कम मिला
जांच के दौरान ई-पॉस रिकॉर्ड और दुकान के वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर मिला। प्रारंभिक जांच में 333.97 क्विंटल चावल की कमी पाई गई थी।
रिकॉर्ड के अनुसार 12 से 15 अक्टूबर के बीच दुकान में 232.90 क्विंटल चावल पहुंचा था, लेकिन इसकी विधिवत पावती नहीं ली गई थी। दुकान में स्टॉक रजिस्टर और आवश्यक सूचना बोर्ड भी नहीं मिले।
सरकारी राशन की दुकान में गड़बड़ी
कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 4 नवंबर 2025 को दुकानदार को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद राशन दुकान को दूसरी संस्था से जोड़ दिया गया। 7 नवंबर को दुकान हस्तांतरण के लिए दोबारा भौतिक सत्यापन हुआ। इसमें चावल की कमी बढ़कर 389.24 क्विंटल यानी 778.48 बोरी पाई गई।
जांच के मुताबिक, सरकारी राशन के गबन और धोखाधड़ी से करीब 15.91 लाख रुपए की वित्तीय हानि हुई। शिकायत पर अपराध दर्ज कर जांच की गई। साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने टोपेश्वर साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। मामले में आगे की विवेचना जारी है।