रायगढ़ जिले में एक विवाहिता को दहेज के लिए ससुराल पक्ष के लोगों ने प्रताड़ित किया। पति ने दहेज में कैश, बाइक और जेवरात की मांग की। डिमांड पूरी नहीं होने पर महिला के साथ मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया गया। परेशान होकर महिला ने थाने में शिकायत की। पुलिस ने जांच के बाद पति समेत ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, माहौपाली खरसिया चौकी क्षेत्र निवासी सलीमा टोप्पो (37) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि उसकी शादी 18 मई 2022 को स्वर्णदीप एक्का से हुई थी। शादी के एक-दो दिन बाद से ही पति, ससुर सरदार राम, जेठ अमरदीप और सास हराज्योति एक्का दहेज नहीं लाने की बात को लेकर उसे ताना मारने लगे।
कुछ माह बाद महिला गर्भवती हो गई। इसके बाद अगस्त महीने में उसके पति ने उस पर बच्चा गिराने के लिए दबाव बनाया। महिला ने ऐसा करने से मना किया तो पति उसके साथ मारपीट करने लगा। आरोप है कि जेठ, सास और ससुर भी पति का साथ देते हुए महिला से गाली-गलौज और मारपीट करते थे।
कैश, बाइक और जेवरात की मांग
पीड़िता के मुताबिक सास-ससुर और पति उससे कहते थे कि शादी में सोने के सामान के लिए कर्ज लिया गया है, जिसे चुकाना है। वे यह भी कहते थे कि वह मायके से सोने-चांदी के जेवरात लेकर नहीं आई है।
पति स्वर्णदीप उस पर मायके से पल्सर बाइक, 51 हजार कैश और जेवरात लाने के लिए लगातार दबाव बनाता था। महिला ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद 5 नवंबर 2023 को उसके परिजनों ने ससुराल पक्ष के लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।
मारपीट कर घर से निकाला
पीड़िता ने बताया कि वह इस उम्मीद में सब कुछ सहती रही कि उसका पति आगे सुधर जाएगा, लेकिन फरवरी 2024 में दहेज लेकर आने की बात को लेकर उसके साथ मारपीट की गई और उसे घर से बाहर निकाल दिया गया।
इसके बाद उसके पति ने तलाक के लिए रायगढ़ न्यायालय में आवेदन भी लगाया है। महिला के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को वह अपना सामान लेने के लिए ससुराल गई थी। आरोप है कि ससुराल वालों ने उसे घर में प्रवेश नहीं करने दिया।
चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
इसके बाद महिला ने थाने में शिकायत की। महिला थाना प्रभारी ने मामले में काउंसिलिंग भी कराई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
ऐसे में पीड़िता के लिखित आवेदन पर पुलिस ने उसके पति, सास, ससुर और जेठ के खिलाफ धारा 85, 115(2), 296, 351(3) और 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले को जांच में लिया है।