रायगढ़ जिले में खैर और तेंदू प्रजाति की बेशकीमती लकड़ियों की अवैध कटाई और तस्करी करने वाले इंटरस्टेट सिंडिकेट का पुलिस और वन विभाग ने खुलासा किया

Chhattisgarh Crimesरायगढ़ जिले में खैर और तेंदू प्रजाति की बेशकीमती लकड़ियों की अवैध कटाई और तस्करी करने वाले इंटरस्टेट सिंडिकेट का पुलिस और वन विभाग ने खुलासा किया है। पुलिस ने रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को गिरफ्तार किया है। वहीं, आरोपी भरत कुमार मेश्राम फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी ग्रामीणों को पैसे का लालच देकर धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार क्षेत्र के जंगलों से लकड़ी कटवाते थे। इसके बाद लकड़ी को गढ़उमरिया स्थित गोदाम में जमा कर छिलाई की जाती थी। यहां से ट्रांसपोर्ट के जरिए हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दूसरे राज्यों में भेजकर मुनाफा कमाया जाता था।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अवैध रूप से काटी गई लकड़ी की तस्करी को वैध दिखाने के लिए फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट (TP) का इस्तेमाल करते थे। वन विभाग की जांच में एक ऐसा TP मिला, जिस पर संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। प्रथम दृष्टया दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

5 मई 2025 को गोदाम में मिला था अवैध लकड़ी का स्टॉक

पिछले साल 5 मई 2025 को वन विभाग की टीम ने जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित नरेश अग्रवाल के गोदाम में दबिश दी थी। यह गोदाम रोहित मित्तल ने किराए पर लिया था।

कार्रवाई के दौरान ट्रक में लोड और गोदाम में रखी खैर व तेंदू की लकड़ी, कटर मशीन और अन्य सामान जब्त किया गया था। SSP शशि मोहन सिंह के मुताबिक गोदाम से 42 नग तेंदू के लट्ठे भी मिले थे। इस कार्रवाई के दौरान रोहित मित्तल अपने साथियों के साथ मौके से भाग गया था।

वन विभाग ने जांच के बाद पुलिस को दिया आवेदन

गोदाम से जब्त लकड़ी की ट्रांसपोर्टिंग के लिए आरोपियों ने वन अमले के सामने TP पेश किया था। जांच में TP पर संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं मिले। इसके बाद वन विभाग ने दस्तावेज की जांच की और इसे प्रथम दृष्टया फर्जी पाया।

मामले में विस्तृत जांच के लिए वन विभाग के रेंजर ने 2 सितंबर को जूटमिल थाने में आवेदन दिया। इसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और वन अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

गोदाम से दूसरे राज्यों तक फैला था नेटवर्क

पुलिस के अनुसार रोहित मित्तल ने गढ़उमरिया में गोदाम लेकर अवैध लकड़ी का स्टॉक कराया। उसका बिजनेस पार्टनर मनीष अग्रवाल लकड़ी की छिलाई के काम में शामिल था। वहीं भरत मेश्राम और सलाउद्दीन खान के जरिए लकड़ी को दूसरे राज्यों तक भेजने की बात सामने आई है।

तीन गिरफ्तार, एक आरोपी फरार

पुलिस की विशेष टीम ने जांच के दौरान तीनों आरोपियों की भूमिका की पुष्टि के बाद रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को हिरासत में लिया। पूछताछ और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद शुक्रवार को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।

पुलिस अब फरार आरोपी भरत कुमार मेश्राम की तलाश कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

SSP बोले- संगठित गिरोह की तरह कर रहे थे काम

SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की है। जांच में पता चला कि आरोपी संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे। फर्जी TP के जरिए अवैध लकड़ी को वैध बताकर दूसरे राज्यों में भेजने की कोशिश की जा रही थी।