बारिश से खराब हुई सड़कों की मरम्मत की प्रक्रिया नगर निगम और लोक निर्माण विभाग ने शुरू कर दी है। निगम ने 36 सड़कों के लिए 21 करोड़ रुपए की मंजूरी नगरीय प्रशासन विभाग से मांगी है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर जारी कर काम शुरू होगा।
पीडब्ल्यूडी ने एक हजार से अधिक सड़कों के पेच रिपेयर और डामरीकरण के लिए करीब 14 करोड़ रुपए की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोनों विभाग करीब 35 करोड़ रुपए खर्च करेंगे। लगातार बारिश से कई सड़कों की डामर परत उखड़ने के साथ बजरी बाहर आ गई है और किनारे टूट गए हैं। अब विभागों की टीम क्षतिग्रस्त हिस्सों को चिह्नित कर रही हैं। कम खराब हिस्सों में पेच रिपेयर और ज्यादा क्षतिग्रस्त हिस्सों में डामरीकरण किया जाएगा।
गड्ढे और पशु भी बढ़ा रहे हादसे का खतरा : शहर की खराब सड़कों, गड्ढों और मुख्य मार्गों पर बैठे गाय-बैलों से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। बारिश में पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जबकि रात में मवेशी अचानक सामने आ जाते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नंदलाल साहित्य ने कलेक्टर को आवेदन देकर सड़कों और वार्डों का सर्वे, गड्ढों की मरम्मत तथा मवेशियों पर कार्रवाई की मांग की है।
बारिश थमने के बाद बिगड़े हालात बारिश के दौरान तेलीबांधा मरीन ड्राइव के दोनों ओर, गोगांव रोड, डीआरएम कार्यालय से भनपुरी रेलवे क्रॉसिंग और पुरानी धमतरी रोड समेत कई सड़कों पर डामर निकलने से बजरी सतह पर फैल गई है। भारी वाहनों के गुजरने से सड़कें और टूट रही हैं। सड़क सूखने पर ढीली बजरी पहियों से उछलने के साथ धूल उड़ा रही है। ऐसे हिस्सों में सिर्फ गड्ढे भरने के बजाय कमजोर सतह हटाकर मजबूत लेयर डाली जाएगी।