दुर्ग जिले के अंजोरा स्थित दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद बढ़ गया है। विश्वविद्यालय में कई पदों पर भर्ती में कथित अनियमितताओं की शिकायत के बाद कृषि विकास, किसान कल्याण और पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।
मंत्री की नोटशीट में जांच पूरी होने तक आगामी भर्ती प्रक्रिया स्थगित रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद विश्वविद्यालय में भर्ती विज्ञापन के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात सामने आई है।
इन बिंदुओं पर शिकायत, जांच के निर्देश
मंत्री की नोटशीट में विश्वविद्यालय से जुड़ी कई शिकायतों का जिक्र किया गया है। इनमें वेतन संरक्षण, स्थानीय शिक्षकों की पदोन्नति, आरक्षण और रोस्टर निर्धारण, पहले से तय रोस्टर में बदलाव, बैकलॉग पदों पर भर्ती, नियमों के विपरीत दीर्घकालीन स्थापना, विज्ञापित पदों पर भर्ती और विभागवार पदों के निर्धारण से जुड़े मामले शामिल हैं।
इसके अलावा, कार्यकारिणी परिषद के सदस्यों का अनुमोदन नहीं लेने और स्वीकृत सेटअप से अधिक पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी करने संबंधी शिकायतें भी शामिल हैं। शिकायतों को देखते हुए मंत्री ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
जांच पूरी होने तक भर्ती रोकने के निर्देश
मंत्री की नोटशीट में साफ तौर पर कहा गया है कि, शिकायतों की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाए और जांच पूरी होने तक समस्त आगामी भर्ती प्रक्रिया स्थगित रखी जाए। मामला यह है कि जब शासन स्तर से जांच पूरी होने तक भर्ती रोकने का निर्देश दिया गया है, तो विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया किस आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
विधायक ने 19 अगस्त को राज्यपाल को भेजा पत्र
इस मामले को स्थानीय विधायक ने भी राज्यपाल के सामने उठाया है। विधायक ने 19 अगस्त 2026 को राज्यपाल को पत्र भेजकर कामधेनु विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर शिकायत की है। विधायक के पत्र के अनुसार, विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनके विधानसभा क्षेत्र के युवाओं और अन्य लोगों से शिकायतें मिली हैं।
उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को राज्य लोक सेवा आयोग या किसी अन्य प्रदेश स्तरीय एजेंसी के माध्यम से कराने का प्रस्ताव स्वीकार करने और विश्वविद्यालय को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित करने का अनुरोध राज्यपाल से किया है।
कामधेनु विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक तरफ उच्चस्तरीय जांच के आदेश हैं। जांच पूरी होने तक आगामी भर्ती रोकने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी तरफ विधायक ने राज्यपाल से भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर हस्तक्षेप की मांग की है।