बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने फसल गिरदावरी-भौतिक सत्यापन का अतिरिक्त दायित्व दिए जाने का विरोध किया है। अधिकारियों का कहना है कि DCS/PV App के जरिए फसल गिरदावरी का काम कराने से कृषि विभाग के मूल दायित्व प्रभावित हो रहे हैं।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि फसल गिरदावरी का काम मुख्य रूप से राजस्व विभाग के मैदानी अमले द्वारा किया जाता है। पटवारियों के पास भौतिक नक्शे, खसरा विवरण, खेतों की भौगोलिक स्थिति, सीमांकन और बटांकन से जुड़ी जानकारी होती है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के पास इन राजस्व अभिलेखों और जानकारी का पूर्व अनुभव नहीं है। ऐसे में सही खसरों की पहचान कर फसल की जानकारी दर्ज करना मुश्किल है।
कृषि योजनाओं का काम प्रभावित होने की आशंका
अधिकारियों ने बताया कि उनका मुख्य काम कृषि विभाग की योजनाओं का मैदानी क्रियान्वयन, किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, कृषि विस्तार कार्य और शासन की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाना है।
अतिरिक्त राजस्व कार्य मिलने से इन मूल दायित्वों पर असर पड़ सकता है। इसका सीधा प्रभाव कृषि कार्य और किसानों को मिलने वाली विभागीय सेवाओं पर पड़ने की बात कही गई है।
शासन-प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ ने शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने मांग की है कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों और कृषि अधिकारियों को DCS/PV App के माध्यम से फसल गिरदावरी के काम से अलग रखा जाए। उन्हें उनके मूल कृषि विभागीय दायित्वों के निर्वहन पर केंद्रित किया जाए।