दो साल से अधूरा पड़ा स्कूल भवन निर्माण, विद्यार्थियों को अब भी पुराने जर्जर भवन का सहारा

Chhattisgarh Crimes Chhattisgarh Crimes Chhattisgarh Crimesयुमेन्द्र कश्यप/मैनपुर। क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए स्कूल भवनों के निर्माण को मंजूरी तो दी गई, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति के चलते विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। विकासखंड मैनपुर अंतर्गत दुरस्थ क्षेत्र के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कुरलापारा का नया भवन निर्माण लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024-25 में शाला भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। निर्माण स्थल पर दीवारें खड़ी कर दी गई हैं, कई स्थानों पर कॉलम के लिए लोहे की सरिया भी निकली हुई है, लेकिन इसके बाद काम आगे नहीं बढ़ पाया। वर्तमान में अधूरे भवन परिसर में झाड़ियां और घास उग आई हैं, जिससे निर्माण स्थल की स्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।

वहीं दूसरी ओर स्कूल का पुराना भवन जर्जर हो गई है। ऐसे में नए भवन का निर्माण अधूरा रहने से विद्यार्थियों और शिक्षकों के सामने परेशानी बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब नए भवन के निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है और निर्माण कार्य शुरू भी हो गया था, तो उसे वर्षों तक अधूरा छोड़ देना गंभीर लापरवाही का विषय है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि अधूरे पड़े भवन का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

अब सवाल यह है कि 2024-25 में स्वीकृत स्कूल भवन का निर्माण दो साल बाद भी पूरा क्यों नहीं हो पाया? निर्माण कार्य में देरी के लिए जिम्मेदार कौन है और भवन को पूरा करने की समय-सीमा क्या है? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग से अपेक्षित है।