बिलासपुर में 27.57 लाख रुपए के गांजा तस्करी मामले में फरार चल रही महिला आरोपी अनुपमा मोहंती (45) को GRP ने बुधवार को सेंट्रल जेल के बाहर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, वह इस प्रकरण में जेल में बंद चार आरोपियों से संपर्क करने और उन्हें धमकाने पहुंची थी।
रिमांड पर भेजे जाने से पहले आरोपियों ने गांजा तस्करी के नेटवर्क की कथित सरगना के रूप में अनुपमा का नाम पुलिस को बताया था। इसके बाद से GRP उसकी तलाश कर रही थी।
GRP के उप निरीक्षक विश्वनाथ चक्रवर्ती ने बताया कि ट्रेनों के जरिए चल रहे गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए उसके मुख्य संचालक तक पहुंचना जरूरी था। पुलिस पिछले तीन महीने से इस दिशा में काम कर रही थी।
इसी दौरान सूचना मिली कि धुतरापारा, संबलपुर, ओडिशा निवासी अनुपमा मोहंती जेल में बंद आरोपियों से संपर्क करने बिलासपुर आई है। इसके बाद पुलिस ने सेंट्रल जेल के बाहर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
11 जुलाई को 55 किलो गांजा के साथ पकड़े गए थे 4 आरोपी
इस मामले में 11 जुलाई को GRP ने रेलवे प्लेटफॉर्म पर पंकजनी बेहरा, रीना पटनायक, आयुष कुशवाहा और एक नाबालिग को पकड़ा था। उनके कब्जे से 55 किलो 150 ग्राम गांजा बरामद हुआ था। इसकी अनुमानित कीमत 27.57 लाख रुपए बताई गई थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़ी अनुपमा मोहंती का नाम पुलिस को बताया था।
सप्लायर ने बताया- कमीशन देकर युवाओं से कराती थी तस्करी
इसके बाद 14 जुलाई को GRP ने गांजा सप्लायर निहार रंजन पटनायक (41), निवासी संबलपुर को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने भी अनुपमा के बारे में जानकारी दी।
उसके बयान के अनुसार, अनुपमा युवाओं को कमीशन देकर ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में गांजा तस्करी कराती थी। इस सूचना के बाद GRP ने इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जांच आगे बढ़ाई। पुलिस का कहना है कि यह गांजा तस्करी का अकेला नेटवर्क नहीं है।
पति के जेल जाने के बाद संभाला कथित कारोबार
रेलवे पुलिस के मुताबिक, अनुपमा का पति सुधांशु मोहंती पिछले दो साल से गांजा तस्करी के एक मामले में संबलपुर जेल में बंद है। इसी दौरान अनुपमा द्वारा उसके कथित कारोबार को संभालने की बात सामने आई है।
संपत्ति की भी जांच, जब्ती की तैयारी
GRP ने अनुपमा को गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अब उसकी संपत्ति और आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में तस्करी से अर्जित संपत्ति का पता चलने पर उसे जब्त कर राजसात करने की कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस के अनुसार, NDPS एक्ट में सजा के साथ अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान है।