रायगढ़ जिले के बाकारुमा रेंज में वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खैर की लकड़ियों से भरा 14 चक्का ट्रक जब्त किया है। कार्रवाई बाकारुमा-लैलूंगा मार्ग पर धातुनपारा के पास की गई। टीम ने ट्रक की घेराबंदी कर उसे पकड़ा, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर चालक और उसके साथ मौजूद लोग मौके से फरार हो गए।
जानकारी के मुताबिक, धरमजयगढ़ वन मंडल के बाकारुमा रेंज का वन अमला रात में जंगल में गश्त के साथ जंगली हाथियों की ट्रैकिंग कर रहा था। इसी दौरान सूचना मिली कि बाकारुमा जंगल क्षेत्र से खैर की लकड़ियों का अवैध परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही बाकारुमा रेंजर विष्णु प्रसाद मरावी स्टाफ के साथ मौके के लिए रवाना हुए।
टीम ने संदिग्ध ट्रक को रोककर जांच की। ट्रक के ऊपर तिरपाल लगा था। तिरपाल हटाने पर अंदर बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ियां लदी मिलीं। हालांकि, इससे पहले ही चालक और अन्य लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो चुके थे।
लैलूंगा के वन अमले की भी ली मदद
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंजर ने लैलूंगा क्षेत्र के वन अमले के साथ संबंधित चौकीदार और फायर वॉचर को भी मौके पर बुलाया। इसके बाद स्थानीय वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और सदस्यों की मौजूदगी में ट्रक और लकड़ियों की जांच की गई। मौके पर पंचनामा तैयार किया गया।
खैर की लकड़ियों समेत काष्ठागार में खड़ा कराया ट्रक
वन विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई की जानकारी एसडीओ और डीएफओ को दी। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ट्रक और उसमें लदी पूरी खैर की लकड़ी जब्त कर ली गई। इसके बाद वाहन को लकड़ियों समेत धरमजयगढ़ काष्ठागार डिपो में खड़ा कराया गया है। लकड़ी की मात्रा और कीमत का आकलन किया जा रहा है।
चालक और अन्य लोगों की तलाश जारी
बाकारुमा रेंजर विष्णु प्रसाद मरावी ने बताया कि वनमंडलाधिकारी और उप वनमंडलाधिकारी के निर्देश पर टीम रात में गश्त और हाथियों की ट्रैकिंग कर रही थी। इसी दौरान खैर की लकड़ियों के अवैध परिवहन की सूचना मिली।
टीम ने कार्रवाई कर ट्रक को जब्त कर लिया, लेकिन चालक और अन्य लोग अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। ट्रक में बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी मिली है। इसे धरमजयगढ़ काष्ठागार डिपो में रखा गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।