बिलासपुर में छात्राओं से कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस मुख्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा नेत्रियां पुलिस की बैरिकेडिंग लांघकर कांग्रेस भवन में घुस गईं। कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। पार्टी ने महापौर पूजा विधानी, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय, महिला मोर्चा की पदाधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर भाजपा नेताओं के निवास पर प्रदर्शन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए कांग्रेस भवन से पहले बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, मौके पर पुलिसकर्मियों की संख्या कम होने के कारण कार्यकर्ताओं को रोकना मुश्किल हो गया।
नारेबाजी करते हुए पहुंचीं भाजपा नेत्रियों और कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाए और कांग्रेस भवन तक पहुंच गईं। इसके बाद महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता भवन के अंदर घुस गईं। वहां उन्होंने हंगामा किया और नारेबाजी जारी रखी। छात्राओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा का प्रदर्शन
भाजपा महिला मोर्चा की बिलासपुर शहर और ग्रामीण इकाई ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। इसमें महापौर पूजा विधानी, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय, शहर जिलाध्यक्ष स्नेहलता शर्मा और ग्रामीण जिलाध्यक्ष गायत्री साहू सहित कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर छात्राओं से कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। वहीं, महापौर पूजा विधानी ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में राजनीतिक पक्षपात नहीं होना चाहिए।
मेयर ने कहा कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जानी चाहिए। इधर, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय ने भी महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग की। कांग्रेस का पलटवार, कहा- कार्यालय में तोड़फोड़ बर्दाश्त नहीं
भाजपा के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने पार्टी कार्यालय में जबरन घुसने और कथित तोड़फोड़ को लेकर विरोध जताया। कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और पूर्व जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि महिला सम्मान जैसे संवेदनशील मुद्दे की आड़ में किसी राजनीतिक दल के कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।
उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद नायक ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दों पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
भाजपा नेताओं के घर प्रदर्शन की चेतावनी
कांग्रेस ने महापौर पूजा विधानी, भाजपा नेत्री हर्षिता पांडेय, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष स्नेहलता शर्मा और घटना में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा विधायकों और मंत्रियों के निवास पर पहुंचकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।