ग्रामीणों ने श्रमदान कर सुधारी जर्जर सड़क, प्रशासन से पक्की सड़क की मांग

Chhattisgarh Crimes Chhattisgarh Crimes Chhattisgarh Crimes Chhattisgarh Crimesडुमरघाट में ग्रामीणों की एकजुटता की मिसाल, मिट्टी-मुरुम डालकर भरे गड्ढे

युमेन्द्र कश्यप/मैनपुर। विकासखंड मैनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदुला के आश्रित ग्राम डुमरघाट में जर्जर सड़क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार खुद ही सड़क सुधारने की पहल की। लंबे समय से बदहाल सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और किसानों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासनिक स्तर पर ठोस पहल नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने रविवार को श्रमदान कर सड़क की मरम्मत की और प्रशासन से जल्द पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग उठाई।

श्रमदान कर ग्रामीणों ने भरे सड़क के गड्ढे

शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर किसान पाठशाला, ग्राम डुमरघाट के किसान भाइयों और ग्रामवासियों ने एकजुट होकर सड़क सुधारने का बीड़ा उठाया। ग्रामीणों ने स्वेच्छा से श्रमदान करते हुए सड़क पर मिट्टी और मुरुम डालकर बड़े-बड़े गड्ढों को भरा, ताकि लोगों को आने-जाने में कुछ राहत मिल सके। इस कार्य में गांव के युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

ग्रामीणों की इस पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी की भावना हो, तो सीमित संसाधनों में भी समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।

बरसात में कीचड़ बन जाती है सड़क

ग्रामीणों के अनुसार, डुमरघाट की मुख्य सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने के कारण सामान्य दिनों में भी आवागमन मुश्किल होता है, जबकि बरसात के दिनों में यह मार्ग कीचड़ से भर जाता है। इससे स्कूली बच्चों, किसानों और अन्य ग्रामीणों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। खासकर किसानों को खेतों तक पहुंचने और कृषि संबंधी कार्यों के लिए आवागमन करने में परेशानी उठानी पड़ती है।

यह मार्ग खेतों को मुख्य सड़क से जोड़ता है और ग्रामीणों के दैनिक आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है।

ग्रामसभा में उठी मांग, अब प्रशासन से उम्मीद

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की समस्या को कई बार ग्रामसभा की बैठकों में उठाया जा चुका है। इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को स्वयं आगे आकर सड़क की मरम्मत करनी पड़ी।

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि डुमरघाट की इस कच्ची और जर्जर सड़क का जल्द सर्वे कराकर पक्की सड़क निर्माण की स्वीकृति दी जाए। उनका कहना है कि श्रमदान से फिलहाल गड्ढों को भरकर आवागमन योग्य बनाने का प्रयास किया गया है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।

अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस पहल के बाद प्रशासन कब तक सड़क निर्माण की दिशा में कदम उठाता है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही पक्की सड़क की सौगात मिलेगी, जिससे स्कूली बच्चों, किसानों और आम नागरिकों को राहत मिल सकेगी।