बिलासपुर जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मामले में विशेष न्यायाधीश, खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, बिलासपुर ने आरोपी अनिल कुमार गौलिया को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई

Chhattisgarh Crimesबिलासपुर जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मामले में विशेष न्यायाधीश, खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, बिलासपुर ने आरोपी अनिल कुमार गौलिया को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत ने आरोपी पर 26 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने 12 से 15 अक्टूबर के बीच कार्रवाई करते हुए 10 वाहन जब्त किए हैं।

जानकारी के अनुसार, 17 जून 2025 को नगोई घाट स्थित अरपा नदी से जेसीबी वाहन क्रमांक CG 11 AB 3246 के माध्यम से रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर कार्रवाई की गई थी। इस मामले में करगीरोड कोटा के डाक बंगला निवासी जेसीबी ऑपरेटर अनिल कुमार गौलिया के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था।

न्यायालय में सुनवाई के दौरान दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को तीन साल के कठोर कारावास और 26 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

पहले भी दो आरोपियों को सुनाई जा चुकी है सजा

रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन के एक अन्य मामले में इससे पहले दो आरोपियों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। यह मामला 16 जून को कोटा थाना क्षेत्र के लारीपारा रेत घाट का बताया गया है।

इस प्रकरण में ट्रैक्टर क्रमांक CG 10 AV 9417 के मालिक और चालक सुरेंद्र कुमार कुर्रे (39), निवासी तुर्काडीह, तथा ट्रॉली क्रमांक CG 10 BU 2339 के मालिक विजय बघेल (47), निवासी नरोतीकाप, की पहचान हुई थी। दोनों को अदालत ने तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।

न्यायालय ने अवैध दोहन पर जताई चिंता

फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश ने महात्मा गांधी के कथन का उल्लेख किया कि धरती हर व्यक्ति की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन देती है, लेकिन लालच को पूरा करने के लिए नहीं। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में नरमी बरतने से समाज में गलत संदेश जाएगा।

रेत के अंधाधुंध उत्खनन से अरपा सहित अन्य नदियों के अस्तित्व और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

66 मामलों में दर्ज कराई गई FIR

कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर 15 जून 2025 से जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। इसके तहत खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में जिले के विभिन्न थानों में 66 प्रकरणों में FIR दर्ज कराई गई थी।

चार दिन की कार्रवाई में 10 वाहन जब्त

खनिज विभाग के अनुसार, 12 से 15 अक्टूबर के बीच रतनपुर, कोटा, खोलिपारा, तुर्काडीह, सेंदरी, कोनी, कच्छार, लमेर, निरतु, सकरी, लालखदान, मस्तूरी और लावर क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया।

इस दौरान ग्राम खोलिपारा में रेत का अवैध परिवहन करते दो ट्रैक्टर और लमेर में एक ट्रैक्टर पकड़ा गया। लालखदान क्षेत्र में गिट्टी का अवैध परिवहन करते दो हाइवा जब्त किए गए। ग्राम सैदा के पास चूना पत्थर डस्ट का अवैध परिवहन करते एक हाइवा पकड़ा गया।

वहीं, लावर क्षेत्र में गिट्टी का परिवहन करते तीन हाइवा और रेत का परिवहन करते एक हाइवा जब्त किया गया। इस तरह कुल सात हाइवा और तीन ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं।

पुलिस थानों और खनिज जांच चौकी की रिमांड में वाहन

खनिज विभाग ने सभी 10 वाहनों को संबंधित खनिज नियमों के तहत जब्त कर पुलिस थाना कोनी, थाना कोटा और खनिज जांच चौकी लावर की अभिरक्षा में रखा है। विभाग के अनुसार, अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ निरीक्षण तथा कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।