छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में झाड़फूंक से इलाज के बहाने 14 साल की नाबालिग से यौन शोषण का मामला सामने आया है। 15 अप्रैल 2026 को नाबालिग की तबीयत खराब होने पर उसे आमागांव के वैद्यराज (बैगा) रमेश कुमार पिस्दा के पास इलाज के लिए ले जाया गया था।
आरोपी ने नाबालिग को बच्चेदानी में समस्या बताई और ताबीज दिया। 25 मई को नाबालिग को उसके चाचा के साथ फिर वैद्यराज के घर भेजा गया। वहां आरोपी बच्ची को पूजा घर में ले गया और उसके साथ आए उसके चाचा को दूसरी जगह भेज दिया।
17 अक्टूबर को नाबालिग की तबीयत बिगड़ी तो अंतागढ़ अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरी जांच में पता चला कि नाबालिग करीब 5 महीने की प्रेग्नेंट है। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि आरोपी उसे नशीली दवा देकर बेहोश कर यौन शोषण करता था।
रिपोर्ट के आधार पर ताड़ोकी थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को 19 अक्टूबर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यह मामला ताड़ोकी थाना क्षेत्र का है।
अब जानिए पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक 18 अक्टूबर 2026 को नाबालिग के पिता ने ताड़ोकी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल 2026 को उनकी बेटी की तबीयत खराब हुई थी। इसके बाद वे उसे इलाज के लिए ग्राम आमागांव के झोलाछाप वैद्य रमेश कुमार पिस्दा (44) के पास ले गए थे।
बच्ची की जांच करने के बहाने आरोपी ने पिता को बताया कि बच्ची के बच्चेदानी (यूटेरस) में परेशानी है और भविष्य में दिक्कत हो सकती है। इसके बाद उसने नाबालिग को एक ताबीज भी दिया।
परिजन को अलग भेजकर बच्ची को अपने पास रखा
शिकायत के अनुसार, 25 मई को काम के कारण बच्ची के पिता ने उसे अपने छोटे भाई के साथ फिर वैद्य के घर भेजा था। वहां आरोपी बच्ची को पूजा घर में ले गया और उसके साथ आए उसके चाचा को दूसरी जगह भेज दिया।
इसके बाद भी बच्ची को कई बार आरोपी के पास ले जाया गया। आरोप है कि इन दौरान उसे परिजनों से अलग रखा जाता था।