दुर्ग जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया

Chhattisgarh Crimesदुर्ग जिले में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। दुर्ग पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम ने पश्चिम बंगाल के कई जिलों में जाकर प्रवासियों के आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों की जांच की। टीम ने बांग्लादेश की सीमा से लगे जिलों में दस्तावेजों का सत्यापन किया।

STF ने करीब 32 हजार व्यक्तियों के स्कैन किए गए डेटा का विश्लेषण किया। इसमें 250 से अधिक लोगों को आगे की जांच के लिए चिह्नित किया गया है। फिलहाल, इनकी नागरिकता और अन्य संबंधित जानकारियों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही इन लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इनकी जानकारी जुटाने और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए STF की टीम ने पश्चिम बंगाल के अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया।

STF की टीम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद पहुंची

दुर्ग पुलिस की STF टीम ने पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद सहित अन्य क्षेत्रों में जाकर चिह्नित लोगों का सत्यापन किया। इस दौरान आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। साथ ही उनके दस्तावेजों की सरकारी रिकॉर्ड से जांच की गई।

STF की टीम ने इन लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई है। वहां से मिले डेटा का विश्लेषण करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सत्यापन में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

3 दिन पहले बांग्लादेशी महिला को किया डिपोर्ट

दुर्ग पुलिस ने 23 अक्टूबर को बांग्लादेशी महिला रीना अख्तर को भारत से डिपोर्ट किया था। वह 2017 से दुर्ग जिले में रह रही थी। जुलाई 2026 में उसे गिरफ्तार कर रायपुर जेल में रखा गया था।

दुर्ग में रहते हुए रीना ने फर्जी दस्तावेज भी तैयार कर लिए थे। इन दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने पश्चिम बंगाल जाकर उसके पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले, क्योंकि रीना बांग्लादेश में भी रह चुकी थी।

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक के संबंध में जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।