बालोद-दल्लीराजहरा मार्ग पर जमही टोल प्लाजा में शुल्क वसूली शुरू होते ही विवाद बढ़ गया

Chhattisgarh Crimesबालोद-दल्लीराजहरा मार्ग पर जमही टोल प्लाजा में शुल्क वसूली शुरू होते ही विवाद बढ़ गया है। स्थानीय लोगों को टोल से छूट नहीं मिलने के विरोध में युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रत्याशी प्रशांत बोकड़े सोमवार को टोल प्लाजा पहुंचे। यहां मैनेजर से उनकी तीखी बहस हुई। बोकड़े ने चेतावनी दी कि अगर 72 घंटे के भीतर स्थानीय लोगों को टोल में छूट नहीं दी गई तो टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए भले ही उन्हें दिवाली जेल में मनानी पड़े।

जमही टोल प्लाजा पर रविवार, 25 अक्टूबर से शुल्क वसूली शुरू की गई है। बोकड़े का कहना है कि टोल के आसपास बसे गांवों के लोगों और बालोद-दल्लीराजहरा के बीच रोजाना आने-जाने वालों को भी छूट नहीं मिल रही है। इससे स्थानीय लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने झलमला से महाराष्ट्र बॉर्डर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-930 का काम पूरा नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि जब सड़क का काम ही पूरा नहीं हुआ तो टोल वसूली कैसे शुरू कर दी गई।

इस दौरान दल्लीराजहरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रतिराम कोसमा और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय लोगों को राहत देने की मांग की और चेतावनी दी कि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आसपास के गांवों के लोगों के साथ आंदोलन किया जाएगा।

मैनेजर से बोले- आप IAS-IPS नहीं, खड़े होकर बात कीजिए

टोल प्लाजा पर मैनेजर के साथ बातचीत के दौरान प्रशांत बोकड़े नाराज हो गए। मैनेजर के कुर्सी पर बैठकर बात करने पर उन्होंने आपत्ति जताई। बोकड़े ने कहा, “तुम आईएएस-आईपीएस नहीं हो, जो जनप्रतिनिधियों के सामने कुर्सी पर बैठकर बात कर रहे हो। खड़े होकर बात कीजिए। आप अधिकारी हैं, हम जनप्रतिनिधि हैं। क्या आपके पास इतनी तवज्जो नहीं है? यहां के कलेक्टर हो क्या?”

बातचीत के दौरान बोकड़े ने टोल वसूली को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पहले सड़क निर्माण का काम पूरा किया जाना चाहिए, उसके बाद शुल्क वसूली की जानी चाहिए। उन्होंने स्थानीय लोगों को छूट देने की मांग करते हुए 72 घंटे के भीतर व्यवस्था में बदलाव करने की चेतावनी दी।