पूरन मेश्राम/मैनपुर। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में इन दिनों धूप (साल रेजिन) निकालने के नाम पर बेशकीमती हरे-भरे साल वृक्षों की अंधाधुंध कटाई का गंभीर मामला सामने आया है। ताजा मामला राजापड़ाव क्षेत्र के जंगलों का है।जहाँ विशालकाय हरे भरे साल सरई के पेड़ को धूप निकालने के नाम से जड़ से काटा जा रहा है। ज्ञात हो कि साल के पेड़ से ही धूप प्राप्त होता है।जिसकी बाजार में ऊंचे दामों पर बिक्री होती है। जानकार बताते हैं कि धूप पेड़ की छाल और ऊपरी हिस्से में होता है। जिसे पेड़ पर चढ़कर आसानी से निकाला जा सकता है। लेकिन लालची लोगों ने आसान रास्ता अपनाते हुए पूरा पेड़ ही काट डाला।
*पर्यावरण को भारी नुकसान*
साल का एक पेड़ वर्षो बाद तैयार होता है। एक पेड़ से 2-3 किलो धूप के लिए उसे काट देना पर्यावरणीय अपराध है। इस तरह से सैकड़ों साल के पेड़ों की बलि चढ़ाई जा रही है। दिनदहाड़े जंगलों में हरे पेड़ों की कटाई हो रही है।
वन विभाग की मैदानी अमले की अधिकारी कर्मचारी मौन साधे हुई है। जल जंगल जमीन बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियो को भी ऐसे लोगो के खिलाफ कड़े रुक अपनाते हुए प्रत्येक गांव के ग्राम सभा को सशक्त करते हुए गांव समाज के बैठक में कानून सम्मत कार्यवाही के लिए सख्त हिदायत देने की जरूरत है।तब कही धूप के नाम पर सैकड़ो पेड़ों की बलि रुक पाएगी।समिति के मुखियाओं ने वन परिक्षेत्राधिकारी उदंती को दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही की मांँग की है।