सुकमा के जंगल में नक्सलियों का खतरनाक डंप मिला, दो टिफिन बम समेत विस्फोटकों का जखीरा बरामद

Chhattisgarh Crimesयुमेन्द्र कश्यप/छत्तीसगढ़ क्राइम्स। बस्तर के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान के बीच सुरक्षा बलों को एक बार फिर छिपाकर रखा गया विस्फोटकों का बड़ा डंप मिला है। कुकानार थाना क्षेत्र के दुमनपारा और जोंगेरास के दुर्गम जंगल-पहाड़ी इलाके में हुई इस बरामदगी से सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खुफिया ठिकाने तक पहुंच बनाई है। डंप से दो टिफिन आईईडी, डेटोनेटर, जिलेटिन रॉड, कारतूस और संचार उपकरण समेत 23 प्रकार की सामग्री बरामद की गई है।

■ तलाशी के दौरान मिला विस्फोटक सामग्री

पुलिस के मुताबिक, 27 अक्टूबर को आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सूचना के आधार पर जिला बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग अभियान चलाया। दुर्गम जंगलों में तलाशी के दौरान पहले से छिपाकर रखा गया डंप मिला। इसकी जांच में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और नक्सली उपयोग के उपकरण सामने आए।

■ दो टिफिन आईईडी समेत विस्फोटकों का जखीरा

बरामद सामग्री में पांच और तीन किलोग्राम के दो टिफिन आईईडी, 315 बोर के 14 जिंदा कारतूस, 14 जिलेटिन रॉड और 80 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर शामिल हैं। इसके अलावा करीब 30 मीटर कॉर्डेक्स वायर, 15 मीटर सेफ्टी फ्यूज और लगभग 100 मीटर इलेक्ट्रिक वायर भी मिला है। डंप से सात बड़े और सात छोटे बीजीएल कारतूस, वायरलेस सेट और अन्य संचार उपकरणों की बैटरियां, चार्जर, बीजीएल सेल निप्पल, डीसी चार्जर, मैगजीन पाउच, वर्दी और नीले रंग का प्लास्टिक कंटेनर भी बरामद हुआ है।

■ आत्मसमर्पित नक्सलियों की सूचना बनी कार्रवाई का आधार

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की के अनुसार, आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि जंगलों में पहले से छिपाकर रखे गए हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई का उद्देश्य खतरनाक विस्फोटकों को बरामद कर संभावित खतरे को कम करना है। दुर्गम इलाकों में सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान आगे भी जारी रहेंगे।