सुकमा में कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-काटने के आरोपों को लेकर ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान चलाने का फैसला किया है। जिला प्रभारी अवधेश गौतम ने शुक्रवार को सुकमा प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी कर सरकारें बनाने का आरोप लगाया।
गौतम ने कहा कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस यह अभियान चला रही है। इसमें इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल भी शामिल होंगे। उन्होंने महाराष्ट्र और बिहार के चुनावों में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी आंकड़ों और तथ्यों के साथ इन मुद्दों को उठा रहे हैं।
गौतम के मुताबिक, कांग्रेस पिछले तीन साल से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सवाल उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच करीब 39 लाख नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए थे। कांग्रेस ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अभियान के तहत 11 से 15 नवंबर तक जिले के सभी मंडलों में नुक्कड़ सभाएं की जाएंगी। इनमें पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, सेक्टर और बूथ कमेटियों के कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके बाद 16 से 25 नवंबर तक बूथ स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया स्थगित करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची से कथित रूप से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नामों की समीक्षा कर उन्हें दोबारा जोड़ा जाए।
कांग्रेस ने चुनावी अनियमितताओं की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग उठाई है।
गौतम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव से चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को जनता के बीच ले जाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही की मांग करेगी।