
गर्मी की शुरुआत होते ही तेलीबांधा लभांडी और फुंडहर में एक बार फिर पानी का संकट शुरू हो गया है। लभांडी और फुंडहर के कुछ इलाकों में सड्डू पानी टंकी से पानी की सप्लाई की जा रही है। लेकिन कभी 10 मिनट तो कभी 15 मिनट पानी आता है। इस वजह से लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। पीलिया का खतरा जानते हुए भी यहां रहने वाले ज्यादातर परिवार बोर के पानी का उपयोग कर रहे हैं। निगम के अफसरों की दलील है कि बजट खत्म हो गया इस कारण राइजिंग लाइन, डिस्ट्रीब्यूशन और नल कनेक्शन नहीं हो पाया और काम बंद हो गया।
कहा गया था 24 घंटे पानी आएगा, अब कोई झांक भी नहीं रहा
राजधानी का फुंडहर चौक। गुरुवार दोपहर 12.20 बज रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम पुराना तालाब फुंडहर स्थित पानी टंकी के पास पहुंची। दो हजार मिली लीटर क्षमता की नई पानी टंकी बनकर तैयार दिखी। पानी की टंकी से महज 50 मीटर की दूरी पर कई घर हैं। यहां रहने वाले लेखराम साहू पिछले 5-6 साल से निगम का पानी नहीं आ रहा है। हम बोर का पानी पीने के लिए मजबूर हैं।
टंकी से महज 100 मीटर की दूरी पर हैंड पंप से पानी भर रही महिला ने बताया कि नल से थोड़ी देर ही इतना कम पानी आता है कि एक-दो बाल्टी ही मिलता है। इसलिए हैंड पंप का पानी ही उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि निगम पानी टंकी बन रही तो कहा गया था 24 घंटे पानी आएगा। टंकी बनने के बाद अफसर झांकने तक नहीं आए। उसके बाद टीम लाभांडी के शीतलापारा निवासी वीरेंद्र निषाद गर्मी शुरू होते ही पानी का संकट चालू हो गया है। यहां लोग बीमार पड़ेंगे तब अफसर आएंगे।
अमृत मिशन के तहत करनी है 24 घंटे पानी की सप्लाई
राजधानी में अमृत मिशन के तहत 426 करोड़ की लागत से 14 नई पानी की टंकी, राइजिंग लाइन, डिस्ट्रीब्यूशन और नल कनेक्शन करना था। निगम ने इस पर अमल वर्ष 2017 में शुरु किया था। पहले चरण में एसटीपी प्लांट 80 एमएलटी, 7 पानी की टंकी, राइजिंग, डिस्ट्रीब्यूशन, कनेक्शन और इंटकवेल के पंपों का रिप्लेसमेंट करना है। दूसरे चरण में 7 ओवरहेड टैंक राइजिंग, डिस्ट्रीब्यूशन, कनेक्शन करना था। इसके साथ ही पुरानी टंकियों की पाइप लाइन का विस्तार करना है।
100 से ज्यादा पीड़ित हुए थे पीलिया से, अभी भी बोर से पानी
तेलीबांधा लाभांडी इलाका। यहां की बीएसयूपी कालोनी। दोपहर का समय है। बच्चे ही बाहर घूम रहे हैं। यहां पिछले साल मार्च-अप्रैल के महीने में पीलिया फैला था। एक हफ्ते के भीतर डेढ़ सौ से ज्यादा लोग पीड़ित हुए थे। इतनी बड़ी संख्या में पीड़ितों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाया। निगम की टीम भी पहुंची और वहां रोज टैंकर भेजकर पानी की सप्लाई की गई। उसी समय दावा किया गया था कि जल्द ही यहां पानी की टंकी बनाकर नल से पानी की सप्लाई की जाएगी। पानी टंकी तो बनी लेकिन यहां लोग अभी भी बोर का पानी पी रहे हैं।