बालोद जिले में एक स्कूल में कार्यरत रसोइया ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक स्कूल में कार्यरत रसोइया ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। हादसा इतना भयावह था कि महिला का शव कई टुकड़ों में बिखर गया। जिसे पुलिस ने साड़ी में समेटकर उठाया। मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने साड़ी, चूड़ी और चप्पल देखकर उसकी पहचान की।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर लाटाबोड़ और सिकोसा गांव के बीच की है। रविवार रात ग्राम बोरी (लाटाबोड़) निवासी ललिता साहू (48) ने बालोद की ओर जा रही ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।

शव को जिला अस्पताल के मरच्यूरी में रखवाया गया था। जहां सोमवार दोपहर 12 बजे पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं, परिजनों ने बताया कि मृतिका पेट की बिमारी से परेशान थी उसने 4 साल पहले भी सुसाइड करने की कोशिश की थी।

शव को पॉलीथिन में पैक कर परिजनों को सौंपा

हादसा इतना भयानक कि चेहरा तक नहीं देख पाए परिजन मृतका ललिता साहू की हालत हादसे के बाद इतनी खराब थी कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव को पॉलीथिन में पैक कर परिजनों को सौंपना पड़ा।

बालोद पुलिस के मुताबिक, ललिता साहू ग्राम बोरी स्थित शासकीय स्कूल में रसोइया के रूप में कार्यरत थी, जबकि उनके पति मंजू राम साहू पेशे से मिस्त्री हैं। परिवार में बेटी का विवाह हो चुका है और बेटे की शादी की तैयारी चल रही थी।

4 साल पहले भी की थी आत्महत्या की कोशिश

मृतका के परिजनों ने बताया कि वह पिछले 7 सालों से पेट संबंधी और अन्य शारीरिक समस्याओं से जूझ रही थी। लगातार बीमारी से परेशान होकर उसने करीब 4 साल पहले कीटनाशक पीकर आत्महत्या की कोशिश भी की थी।

लेकिन तब परिजनों ने समय रहते उसे बचा लिया था। हाल के दिनों में वह अत्यधिक मानसिक तनाव में थी और लगातार परेशान चल रही थी।

परिजन खेत की ओर ढूंढ चुके थे – टीआई

बालोद थाना प्रभारी रविशंकर पांडेय ने बताया कि मामले में मर्ग कायम किया गया है और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि महिला अपनी बीमारी से परेशान थी।

हालांकि मौत का असल कारण परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। टीआई ने बताया कि जब महिला घर पर नहीं दिखी तो परिजनों को लगा कि वह खेत में फसल देखने गई होगी। शाम को गांव में तलाश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में रात में ट्रेन से कटने की सूचना प्राप्त हुई।

 

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