छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में वनकर्मी मारपीट का शिकार हो गए

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बालोद जिले में वनकर्मी मारपीट का शिकार हो गए। डौंडी वन परिक्षेत्र के पेंवारी गांव में वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। यह हमला उस समय हुआ जब टीम कक्ष क्रमांक-156 में बन रहे परकोलेशन टैंक का निरीक्षण करने पहुंची थी।

इस दौरान लाठी-डंडों से लैस 50 से 60 ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस हमले में डिप्टी रेंजर, एक वनपाल और दो फॉरेस्ट गार्ड घायल हो गए। वहीं, 5 ग्रामीण महिलाओं को भी चोटें आई है। जिनका इलाज डौंडी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है।

वन विभाग की टीम को जान बचाकर भागना पड़ा

वनकर्मियों ने डौंडी थाने पहुंचकर बताया कि, वे परकोलेशन टैंक निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे थे। तभी मौके पर पहले से मौजूद ग्रामीणों ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से सभी को जान बचाकर भागना पड़ा।

डौण्डी वन परिक्षेत्र के रेंजर जीवन भोंडेकर ने बताया कि, पेंवारी गांव में 72 एकड़ जमीन का वन पत्र दिया गया। इसकी लालच में आकर ग्रामीण और कब्जाधारी अपना अधिकार बताना चाहते हैं। मई महीने में मीटिंग कर अतिक्रमण हटाया गया था।

वनकर्मी और ग्रामीण महिलाएं FIR लिखवाने पहुंची डौंडी

वन विभाग की ओर से डौंडी थाने में हमलावर ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। रेंज अफसर जीवन भोंडेकर ने बताया कि, हमला एकतरफा था। इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई जा रही है। वहीं 50 की संख्या में पेंवारी गांव की महिलाएं भी डौंडी थाने पहुंची। लेकिन कुछ देर बाद सभी वापस लौट गई।

कुंड बनाने से नाराज थे ग्रामीण, 6 लोगों पर केस दर्ज

डौंडी टीआई उमा ठाकुर ने बताया कि, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि जल संरक्षण के लिए बनाए जा रहे परकोलेशन टैंक (कुंड) की जगह को लेकर विवाद है। ग्रामीण वन विभाग की भूमि को अपनी जमीन बताते रहे, जिससे विवाद हुआ।

वन विभाग के 4 लोग घायल हुए हैं। उनके रिपोर्ट पर मारपीट करने वाले 6 नामजद और अन्य शामिल ग्रामीण के खिलाफ सरकार काम में बाधा और मारपीट की धारा के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।

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